वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना गरीब परिवारों को हटाना अमानवीय: विकास कुमार ठाकुर
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
भारत की कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) की धनबाद जिला कमिटी ने बारामुंडी खटाल क्षेत्र में रह रहे बेकारबांध परियोजना से विस्थापित लगभग 200 गरीब परिवारों को हटाने के जिला प्रशासन के निर्णय का विरोध किया है। पार्टी के जिला सचिव विकास कुमार ठाकुर ने उपायुक्त, धनबाद को पत्र लिखकर इस कार्रवाई को तत्काल रोकने तथा विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की समुचित व्यवस्था करने की मांग की है।
विकास कुमार ठाकुर ने अपने पत्र में कहा है कि लगभग 25 वर्ष पूर्व तत्कालीन जिला प्रशासन ने बेकारबांध परियोजना से विस्थापित लगभग 200 परिवारों को बारामुंडी खटाल क्षेत्र में बसाया था। ये परिवार पिछले ढाई दशकों से वहीं रहकर अपना जीवन-यापन कर रहे हैं। ऐसे में वर्तमान जिला प्रशासन द्वारा सरकारी जमीन की नापी, सीमांकन और अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के तहत इन परिवारों को हटाने का प्रयास अनुचित एवं अमानवीय है।
उन्होंने कहा कि बिना किसी वैकल्पिक व्यवस्था के गरीब परिवारों को उजाड़ना उनके जीवन और आजीविका को गंभीर संकट में डाल देगा। प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि जिन परिवारों को लगभग 25 वर्ष पूर्व सरकारी पहल पर बसाया गया था, उन्हें हटाने के बाद रहने के लिए कहाँ जगह मिलेगी।
माकपा जिला सचिव ने कहा कि गरीब विस्थापित परिवारों के पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना उन्हें हटाने की कार्रवाई जनहित के विरुद्ध है। इस मामले को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश व्याप्त है। प्रशासन को किसी भी कार्रवाई से पहले प्रभावित परिवारों की स्थिति और उनके भविष्य को ध्यान में रखना चाहिए।
माकपा की प्रमुख मांगें
पार्टी ने उपायुक्त से बारामुंडी खटाल क्षेत्र में चल रही जमीन की नापी, सीमांकन एवं अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तत्काल प्रभाव से रोकने, वैकल्पिक पुनर्वास की व्यवस्था किए बिना किसी भी परिवार को विस्थापित नहीं करने तथा गरीब परिवारों के हित में उन्हें हटाने के निर्णय को वापस लेने की मांग की है।
विकास कुमार ठाकुर ने आशा व्यक्त की है कि जिला प्रशासन विस्थापित परिवारों की समस्याओं पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए उचित निर्णय लेगा और उन्हें बेघर होने से बचाने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा।


































