जमशेदपुर समेत देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया करवा चौथ का पर्व
जुगसलाई के हर मिलाप मंदिर में महिलाओं ने की पूजा-अर्चना और सुनी व्रत कथा
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
पति-पत्नी के अटूट प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक करवा चौथ का पर्व गुरुवार को जमशेदपुर समेत देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर सुहागिन महिलाओं ने अपने पति की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना के साथ निर्जला व्रत रखा। दिनभर उपवास रखने के बाद महिलाओं ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर व्रत कथा सुनी और अपने परिवार की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

जमशेदपुर के जुगसलाई स्टेशन रोड स्थित हर मिलाप मंदिर में भी करवा चौथ को लेकर धार्मिक माहौल रहा। यहां निर्जला व्रत रखने वाली सुहागिन महिलाओं ने पूजा-अर्चना की और करवा चौथ की कथा सुनकर अपने पति की दीर्घायु तथा वैवाहिक जीवन में सुख-शांति की कामना की। पर्व को लेकर महिलाओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।
पति-पत्नी के प्रेम और विश्वास का प्रतीक है करवा चौथ
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, करवा चौथ का पर्व पति-पत्नी के बीच अटूट प्रेम, विश्वास, त्याग और एक-दूसरे के प्रति जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने का प्रतीक है। इस दिन माता पार्वती, भगवान शिव, भगवान गणेश और चंद्रदेव की पूजा-अर्चना की जाती है। मान्यता है कि विधि-विधान से व्रत और पूजा करने से वैवाहिक जीवन में सुख-समृद्धि आती है।
ज्योतिषीय मान्यताओं में चंद्रमा को मन, शांति और सुख से जोड़ा जाता है। इसी विश्वास के साथ सुहागिन महिलाएं चंद्रमा को अर्घ्य देकर अपने पति की लंबी उम्र और परिवार की सुख-शांति की कामना करती हैं।
करवा चौथ का पर्व भारतीय परंपरा में वैवाहिक रिश्तों की मजबूती, आपसी विश्वास और पारिवारिक एकजुटता का संदेश देता है। यही वजह है कि आधुनिक जीवनशैली के बीच भी इस पर्व के प्रति महिलाओं की आस्था और उत्साह बरकरार है।


































