Rpf Big Breaking : चोरी की रेलवे संपत्ति खरीदने वाला चर्चित स्क्रैप टाल संचालक अशोक यादव दबोचा गया

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आदित्यपुर आरपीएफ इंस्पेक्टर ने टेल्को के जेम्को में दी दबिश, पूछताछ में कई बड़े खुलासे

टाटा पोस्ट के कार्यक्षेत्र में हुई कार्रवाई महकमे में बनी चर्चा का विषय

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

चक्रधरपुर रेल मंडल अंतर्गत रेलवे सुरक्षा बल आदित्यपुर पोस्ट की टीम के लिए मंगलवार का दिन अच्छी उपलब्धि वाला रहा. जहां रेलवे सुरक्षा बल के हाथ जमशेदपुर के टेल्को थाना क्षेत्र के जेम्को में संचालित स्क्रैप टाल संचालक अशोक यादव चढ़ गया. टीम उसे आदित्यपुर पोस्ट लेकर पहुंची, जहां उसने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किये हैं. इससे रेलवे की संपत्ति चोरी करने और खरीदने वाले रिसीवरों की शामत आनी तय मानी जा रही है. बहरहाल, अशोक यादव से पूछताछ जारी है.

जानकारी के अनुसार गत 11 फरवरी को आदित्यपुर आरपीएफ पोस्ट इंचार्ज अजीत कुमार सिंह के नेतृत्व में गुप्त सूचना पर जेम्को और सुंदरनगर में संचालित स्क्रैप टाल में छापामारी की थी. इस दौरान एक टाटा एस मालवाहक वाहन में करीब ढाई टन रेलवे स्क्रैप जब्त किया था, जिसमें वैगन से काटे गए पुर्जे आदि शामिल थे. उस वक्त अशोक यादव और सुंदरनगर का राजेंद्र सोनकर फरार होने में सफल हो गया था, लेकिन सोनकर के मुंशी दीनानाथ झा, वाहन के ड्राइवर शंकर साहू, हेल्पर रवि मुंडा और मिट्ठू मछुआ पकड़े गए थे. तब से आरपीएफ दोनों स्क्रैप टाल संचालकों की खोज में लगी थी. इसी क्रम में ओसी एके सिंह को सूचना मिली कि अशोक यादव टाल में है, तब उसे दबोच लिया गया.

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इधर, जानकर सूत्रों के अनुसार अशोक यादव के खिलाफ टाटा पोस्ट में दर्ज एक आरपीयूपी एक्ट के मामले में कोर्ट से वारंट भी जारी हुआ था. उसके बाद भी अशोक यादव की रेलवे स्क्रैप के खेल में सक्रियता उसकी सेटिंग गेटिंग की ओर साफ इशारा करती है.

कुछ माह पहले वरीय अधिकारियों की सूचना पर गुपचुप तरीके से भी जेम्को में अशोक यादव के टाल में छापामारी हुई थी. तब उसका पार्टनर मन्नू सिंह पकड़ा गया था, लेकिन अशोक आसानी से भाग गया था. उसके बाद फरारी में रहकर ही अशोक ने जमानत ली और अपना धंधा बेखौफ करने लगा. मन्नू के जेल से आने के बाद उसका किसी बात को लेकर अशोक से मन मुटाव हो गया, जिसके बाद दोनों अलग हो गए हैं.

1997 के एक केस में काट चुका है सजा

जानकारी के अनुसार अशोक यादव रेलवे स्क्रैप के चोरी के खेल में बहुत पुराना शातिर है. 1997 में टाटा पोस्ट के एक मामले में उसने सजा भी काटी है. वहीं, टाटा, आदित्यपुर, डोंगवापोसी समेत कई पोस्ट में उसके खिलाफ एक दर्जन केस दर्ज हैं. जानकार बताते हैं कि वह लगभग तीन दशकों से रेलवे संपत्ति चोरी की खेला में शामिल है. इधर, टाटा पोस्ट इलाके में आदित्यपुर पोस्ट की कार्रवाई को लेकर महकमे में भी कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं. खैर यह चर्चा जेम्को में पहली बार हुई छापामारी के बाद शुरू हुई है, जिसकी कड़ी में स्क्रैप टाल संचालक टिमल जयसवाल भी लपेटा गया था.

टीम में ये थे शामिल

छापामारी टीम में इंस्पेक्टर के साथ एएसआई रवि कुमार, हेड कांस्टेबल दीपक कुमार, कांस्टेबल सुमन और विनय कुमार शुक्ला शामिल थे.

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