खनन माफिया पर कसेगा शिकंजा, शिकायत मिलते ही होगी कार्रवाई; 14 जिलों में पहले से चेकपोस्ट, छह और जिलों में चेकनाका बनाने का फैसला
फतेह लाइव, रिपाेर्टर।
झारखंड में अवैध खनन और खनिजों के अवैध परिवहन पर सरकार अब निगरानी का दायरा और मजबूत करने जा रही है। राज्य के सभी जिलों में जल्द ही डिस्ट्रिक्ट लेवल टास्क फोर्स सेल गठित किया जाएगा। इसके साथ ही खनिजों के अवैध परिवहन पर नजर रखने के लिए उन जिलों में भी चेकनाका स्थापित किए जाएंगे, जहां फिलहाल ऐसी व्यवस्था नहीं है।
यह फैसला खान एवं भूतत्व विभाग के सचिव अरवा राजकमल की अध्यक्षता में हुई राज्य स्तरीय टास्क फोर्स की बैठक में लिया गया। बैठक में अवैध खनन से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन, विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय और शिकायतों पर कार्रवाई को लेकर कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
खान प्रहरी की शिकायतों की होगी जांच
बैठक में खान प्रहरी मोबाइल एप के माध्यम से मिलने वाली शिकायतों पर भी चर्चा हुई। केंद्रीय कोयला मंत्रालय की ओर से शुरू किए गए इस एप का इस्तेमाल अवैध कोयला खनन और कोयला चोरी की गतिविधियों की सूचना देने के लिए किया जाता है।
निर्णय लिया गया कि एप के जरिए मिलने वाली शिकायतों की जांच कर नियमों के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। इससे अवैध खनन की सूचना मिलने के बाद संबंधित विभागों के स्तर पर कार्रवाई को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश होगी।
14 जिलों में पहले से चल रहे चेकपोस्ट
बैठक में बताया गया कि राज्य के 14 जिलों में स्थायी या अस्थायी रूप से चेकपोस्ट संचालित हो रहे हैं। इनमें धनबाद, गुमला, सिमडेगा, साहिबगंज, बोकारो, हजारीबाग, जमशेदपुर, गढ़वा, पलामू, पाकुड़, दुमका, रामगढ़, सरायकेला-खरसावां और कोडरमा शामिल हैं।
वहीं चतरा, जामताड़ा, गोड्डा, खूंटी और देवघर के खनन पदाधिकारियों ने चेकपोस्ट स्थापित करने के लिए राशि की मांग की है। बैठक में इन जिलों को जल्द राशि उपलब्ध कराने पर सहमति बनी।
इसके अलावा रांची, लातेहार, गिरिडीह, चाईबासा, लोहरदगा और कोडरमा में चेकनाका बनाने का निर्णय लिया गया। हालांकि बैठक में कोडरमा का नाम पहले से संचालित चेकपोस्ट वाले जिलों की सूची में भी बताया गया है, इसलिए वहां की व्यवस्था में बदलाव/नए चेकनाके की स्थिति संबंधित विभाग के स्तर पर स्पष्ट होगी।
27 हजार करोड़ के लक्ष्य के मुकाबले 9877.98 करोड़ की वसूली
बैठक में वित्तीय वर्ष 2026-27 की राजस्व वसूली की भी समीक्षा की गई। राज्य के लिए इस वित्तीय वर्ष में 27,000 करोड़ रुपये राजस्व वसूली का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
अगस्त 2026 तक विभाग को 9877.98 करोड़ रुपये, यानी लक्ष्य का 36.59 प्रतिशत राजस्व प्राप्त हुआ है।
खनन क्षेत्रों से राजस्व देने वाले प्रमुख जिलों में चाईबासा, धनबाद, हजारीबाग और पाकुड़ शामिल हैं। अगस्त तक इन जिलों से क्रमश: 1836.10 करोड़, 1396.84 करोड़, 1325.66 करोड़ और 1123.98 करोड़ रुपये राजस्व प्राप्त हुआ।
वहीं गढ़वा, सिमडेगा, कोडरमा और खूंटी जैसे जिलों में राजस्व वसूली की रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी बताई गई। राज्य स्तरीय बैठक में खान निदेशक राहुल सिन्हा, अपर निदेशक खान, उप निदेशक खान, परिवहन विभाग और पुलिस मुख्यालय के प्रतिनिधि, राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अधिकारी, संबंधित अंचलों के उप निदेशक खान सहित सभी जिलों के उपायुक्त, आरक्षी अधीक्षक और खनन पदाधिकारी मौजूद रहे।
नए जिला स्तरीय टास्क फोर्स सेल और चेकनाकों के जरिए सरकार का मकसद अवैध खनन, खनिजों के अवैध परिवहन और राजस्व चोरी पर निगरानी मजबूत करना है।




































