छूट वाली EMI से लेकर कन्यादान और करोड़पति योजना तक का दिया गया झांसा
12 पदाधिकारियों के खिलाफ पुलिस से शिकायत; कार्यालय बंद होने के बाद बढ़ी पीड़ितों की परेशानी
फतेह लाइव, रिपाेर्टर।
राजधानी रांची में राधास्वामी संगठन से जुड़ी विभिन्न योजनाओं के नाम पर कथित तौर पर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। नामकुम निवासी डॉ. संतोष कुमार ने जगन्नाथपुर थाना में लिखित शिकायत देकर संगठन से जुड़े 12 पदाधिकारियों पर धोखाधड़ी, विश्वासघात, रकम के कथित दुरुपयोग और पैसे मांगने पर धमकी देने के आरोप लगाए हैं। शिकायत के साथ लाभुकों की जमा राशि का विवरण, योजनाओं की पुस्तिकाएं, फर्म से जुड़े दस्तावेज और अन्य साक्ष्य भी पुलिस को दिए जाने की बात कही गई है।
40 से 90 फीसदी छूट वाली EMI योजना का दावा
शिकायत के मुताबिक, संगठन की ओर से लोगों को 40 से 90 प्रतिशत तक छूट वाली EMI योजना, कन्यादान योजना, करोड़पति योजना, FMCG योजना और छात्रवृत्ति योजना समेत कई योजनाओं की जानकारी दी जाती थी। लोगों को भरोसा दिलाया जाता था कि संगठन के माध्यम से जमा किया गया पैसा सुरक्षित रहेगा और योजनाओं के तहत उन्हें आर्थिक लाभ मिलेगा।
सोनू सूद के वीडियो दिखाकर बढ़ाया गया भरोसा!
आरोप है कि लोगों का विश्वास जीतने के लिए बॉलीवुड अभिनेता सोनू सूद की उपस्थिति और उनके वीडियो भी दिखाए जाते थे। साथ ही संगठन से बड़े और प्रभावशाली लोगों के जुड़े होने का हवाला देकर लाभुकों को यह भरोसा दिलाने का आरोप है कि उनका पैसा सुरक्षित है और उन्हें किसी तरह का नुकसान नहीं होगा।
पासबुक देकर खातों में जमा कराए गए पैसे
शिकायतकर्ता का आरोप है कि लाभुकों को RSABN निधि लिमिटेड बैंक के नाम से पासबुक भी उपलब्ध कराई गई। वाहन योजना के तहत बैंक से वाहन लेने वालों को संगठन की ओर से निर्धारित EMI जमा कराने का भरोसा दिया गया।
इसी भरोसे के आधार पर लोगों से नकद, ऑनलाइन और बैंक ट्रांजेक्शन के जरिए RSOG Foods Cosmetic Pvt. Ltd. के अलग-अलग बैंक खातों में कथित तौर पर बड़ी रकम जमा कराई गई।
EMI बंद हुई तो शुरू हुआ आश्वासन का दौर
शिकायत के अनुसार, जब वाहनों की EMI का भुगतान बंद हो गया तो लाभुकों ने संगठन के जिला जोनल प्रभारी सह कार्यालय प्रभारी बिनू साहू से संपर्क किया। आरोप है कि उन्हें लगातार यह आश्वासन दिया गया कि संगठन को केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों की योजनाओं से राशि मिलने वाली है और राशि प्राप्त होते ही सभी लाभुकों का भुगतान कर दिया जाएगा।
दो महीने पहले बंद हुआ कार्यालय
मामले में शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि करीब दो महीने पहले संगठन का प्रदेश कार्यालय बंद कर दिया गया। इसके बाद बिनू साहू कार्यालय में उपलब्ध नहीं हुए और फोन पर भी संपर्क से बचने लगे। जब पीड़ितों ने दीपक कुमार शर्मा और अन्य पदाधिकारियों से रकम और EMI के संबंध में जानकारी मांगी, तो कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौज और धमकी दी गई।
12 पदाधिकारियों के खिलाफ शिकायत
शिकायत में बिनू साहू, शकुंतला कुमारी, दीपक कुमार शर्मा, रश्मि कुमारी, दीपक शर्मा, अरुण कुमार प्रजापति, सतीश कुमार शर्मा, काजल श्रीवास्तव, मुकेश सिन्हा, अनीषा सिन्हा, जूली सिन्हा और गौरव श्रीवास्तव समेत 12 लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस से पूरे मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और कथित तौर पर जमा कराई गई रकम वापस दिलाने की मांग की गई है। मामले में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही उनकी पुष्टि हो सकेगी।




































