फर्जी दस्तावेज और गलत पते पर एक्टिवेट किए जा रहे थे सिम, बिहार समेत पांच राज्यों में साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच तेज
फतेह लाइव, रिपाेर्टर।
साइबर ठगी के बढ़ते नेटवर्क के बीच ओडिशा के जगतसिंहपुर जिले के कुजंग में शुक्रवार को सीबीआइ ने बड़ी कार्रवाई की। दिल्ली से पहुंची सीबीआइ की टीम ने स्थानीय मोबाइल रिचार्ज और सिम बिक्री की दुकान पर करीब साढ़े दस घंटे तक छापेमारी की। जांच के दौरान 400 से अधिक ऐसे सिम कार्डों का रिकॉर्ड सामने आया, जिन्हें कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज और गलत पते के आधार पर एक्टिवेट किया गया था।
सीबीआइ अधिकारियों ने जांच के दौरान सामने आए सिम कार्डों की सूची तैयार की और उसे अपने साथ ले गए। कार्रवाई का संबंध साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से जुड़े एक मामले की जांच से बताया जा रहा है।
बिहार के केस से खुला कुजंग कनेक्शन
जांच के दौरान बिहार में सामने आए एक साइबर अपराध मामले से इस दुकान का कनेक्शन मिला। सीबीआइ को पता चला कि अलग-अलग दूरसंचार कंपनियों के करीब 58 सिम कार्ड कुजंग की इसी दुकान से एक्टिवेट किए गए थे। इसके बाद दिल्ली सीबीआइ की टीम ने ओडिशा शाखा के अधिकारियों के सहयोग से दुकान पर छापेमारी की।
बताया गया कि कुजंग थाना क्षेत्र के पारिअंग गांव निवासी राजेश नायक उर्फ राजा तालदंडा नहर बांध के पास मोबाइल रिचार्ज और सिम बिक्री की दुकान चलाता है। शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे शुरू हुई सीबीआइ की कार्रवाई शाम 7:30 बजे तक चली।
फर्जी सिम से साइबर ठगी का नेटवर्क?
जांच एजेंसी को आशंका है कि ग्रामीण इलाकों में गलत दस्तावेजों और पतों के आधार पर एक्टिवेट किए गए सिम कार्ड साइबर अपराधियों तक पहुंचाए जा रहे थे। इन नंबरों का इस्तेमाल ऑनलाइन ठगी और अन्य साइबर अपराधों में किए जाने की जांच की जा रही है।
सीबीआइ के मुताबिक ऐसे सिम के जरिए साइबर अपराधियों को मोबाइल नंबरों से जुड़ी गतिविधियों और वित्तीय लेनदेन से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी तक पहुंच मिल सकती थी। इसी नेटवर्क के जरिए बड़े पैमाने पर साइबर ठगी किए जाने की आशंका है।
पांच राज्यों में एक साथ जांच
साइबर अपराध के इस नेटवर्क की जांच के सिलसिले में सीबीआइ की कार्रवाई बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश और राजस्थान तक पहुंची है। एजेंसी अलग-अलग स्थानों पर सिम एक्टिवेशन और साइबर ठगी के बीच संभावित कनेक्शन की जांच कर रही है।
गौरतलब है कि पिछले वर्ष भी इसी तरह के एक साइबर अपराध मामले की जांच के दौरान पश्चिम बंगाल पुलिस ने कुजंग इलाके से तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। एक अन्य कारोबारी के पास से 900 से अधिक फर्जी और गलत पते वाले सिम कार्ड बरामद होने की बात भी सामने आई थी।
फिलहाल सीबीआइ की जांच जारी है और 400 से अधिक सिम कार्डों के रिकॉर्ड से जुड़े लोगों तथा इनके इस्तेमाल की पूरी कड़ी खंगाली जा रही है।




































