मंदिर से बाजार की ओर निकले थे उमा भूषण, रास्ते में घात लगाकर बैठे थे शूटर; पुलिस खंगाल रही CCTV फुटेज और हत्या के पीछे के विवाद
फतेह लाइव, रिपाेर्टर।
भागलपुर: शहर में भाजपा नेता उमा भूषण तांती उर्फ पप्पू तांती की हत्या ने इलाके में सनसनी फैला दी है। शुक्रवार सुबह हुई इस वारदात में हमलावरों ने बेहद योजनाबद्ध तरीके से पहले उनकी बाइक रुकवाई और फिर सिर व सीने पर गोलियां दाग दीं। घटना के बाद पुलिस अब सिर्फ शूटरों तक सीमित नहीं है, बल्कि उस शख्स की भी तलाश कर रही है, जिसने कथित तौर पर हमलावरों को उमा भूषण की गतिविधियों की जानकारी दी।
प्रत्यक्षदर्शी अंकित के बयान ने हत्या की पूरी घटना की तस्वीर पुलिस के सामने रख दी है। उसके मुताबिक, उमा भूषण सुबह घर से मिरजानहाट बाजार की ओर मछली खरीदने निकले थे। करीब 10 बजे वे महादेव तालाब स्थित मंदिर पहुंचे। वहां उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और CCTV कैमरों को दुरुस्त कराया।
मंदिर से निकलने के बाद अंकित अपनी बाइक से आगे चल रहा था, जबकि उमा भूषण पीछे थे। इसी दौरान बाइक सवार दो युवक तेजी से उनके पास पहुंचे। आरोप है कि उनमें से एक किशन मोदी ने उन्हें आवाज देकर कहा, “नाना, रुकिए।”
अपनेपन की आवाज सुनकर उमा भूषण ने बाइक धीमी कर दी। जैसे ही उन्होंने पैर जमीन पर रखा, दोनों हमलावरों ने फायरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से वे सड़क पर गिर पड़े। अचानक हुए हमले से मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
हत्या से पहले किसने दी थी पल-पल की जानकारी?
पुलिस जांच का सबसे अहम बिंदु अब कथित ‘लाइनर’ बन गया है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि हमलावरों को उमा भूषण के घर से निकलने, मंदिर पहुंचने और वहां से मिरजानहाट की ओर रवाना होने की जानकारी कैसे मिली।
जिस तरह से हमलावरों ने रास्ते में सटीक जगह पर उन्हें रोककर हमला किया, उससे पुलिस को आशंका है कि उनकी गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। हालांकि लाइनर कौन था और उसने किसके कहने पर सूचना दी, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा।
मंदिर विवाद से जमीन विवाद तक, कई एंगल पर जांच
उमा भूषण की हत्या के पीछे पुलिस कई संभावित कारणों की जांच कर रही है। महादेव तालाब मंदिर परिसर में असामाजिक तत्वों और कथित रूप से नशा करने वालों के जमावड़े का विरोध भी एक महत्वपूर्ण बिंदु बताया जा रहा है।
बताया जा रहा है कि कुछ समय पहले मंदिर परिसर में चोरी की घटना भी हुई थी। उमा भूषण ने वहां की गतिविधियों पर आपत्ति जताई थी और असामाजिक तत्वों को हटाने का प्रयास किया था।
इसके अलावा कुतुबगंज इलाके में जमीन की प्लॉटिंग और घर के पास हाल में हुई एक जमीन की रजिस्ट्री को लेकर विवाद की बात भी सामने आई है। पुलिस इन सभी पहलुओं को जोड़कर हत्या की वजह तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
संगठन के पुराने और सक्रिय कार्यकर्ता थे उमा भूषण
उमा भूषण तांती लंबे समय से भाजपा से जुड़े रहे थे। करीब दो दशक पहले वे भारतीय जनता युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष भी रह चुके थे। संगठनात्मक गतिविधियों में उनकी सक्रिय भूमिका रही थी।
पार्टी के एक कार्यक्रम के तहत श्रीनगर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने के लिए जम्मू-कश्मीर गए दल में भी उनके शामिल होने की बात सामने आई है। स्थानीय स्तर पर संगठन को मजबूत करने में उनकी भूमिका को पार्टी के नेता महत्वपूर्ण बताते रहे हैं।
भाजपा नेता प्यारे हिंद ने जताया आक्रोश
वरिष्ठ भाजपा नेता प्यारे हिंद ने उमा भूषण तांती की हत्या पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा कि उमा भूषण संगठन के समर्पित और निष्ठावान कार्यकर्ता थे। उनका निधन पार्टी, समाज और परिवार के लिए बड़ी क्षति है।
उन्होंने पुलिस प्रशासन से मांग की कि हत्या के पीछे मौजूद कथित साजिशकर्ताओं और लाइनर को भी जल्द गिरफ्तार किया जाए तथा मामले में कड़ी कानूनी कार्रवाई हो।
FSL ने जुटाए साक्ष्य, शूटरों की तलाश में छापेमारी
घटना की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी और सिटी एसपी ने देर रात घटनास्थल का निरीक्षण किया। FSL टीम ने मौके से साक्ष्य और खून के नमूने जुटाए हैं। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है।
नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमों द्वारा लगातार छापेमारी किए जाने की बात पुलिस की ओर से कही गई है। अब जांच की दिशा इस सवाल पर भी टिकी है कि शूटरों तक उमा भूषण की लोकेशन पहुंचाने वाला कथित लाइनर आखिर कौन था और हत्या की पूरी साजिश के पीछे किसका हाथ है।




































