Jamshedpur : संथाली भाषा की घोर उपेक्षा – 25 वर्षों बाद भी झारखंड विधानसभा के मुख्य द्वार में झारखंड विधानसभा संथाली भाषा में नहीं लिखा गया, पीएमओ पहुंचा मामला

SHARE:

झारखंड विधानसभा के मुख्य द्वार में संथाली भाषा की ओल चिकी में झारखंड विधानसभा शीघ्र लिखा जाए – कृतिवास मंडल

कृतिवास मंडल ने अवर सचिव प्रधानमंत्री कार्यालय में दर्ज करवाई शिकायत

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

आरटीआई कार्यकर्ता संघ के केन्द्रीय महासचिव सह आजसू पार्टी के जिला सचिव कृतिवास मंडल के द्वारा अवर सचिव प्रधानमंत्री कार्यालय
भारत सरकार नई दिल्ली में एक शिकायत दर्ज करवाई है. शिकायत में कहा गया है कि बहुत ही विडंबना है कि झारखंड अलग राज्य बने. आज लगभग 25 वर्ष होने के पश्चात भी झारखंड विधानसभा के मुख्य द्वार पर झारखंड राज्य की एक मात्र संविधान की 8 वीं अनुसूची में मान्यता प्राप्त संथाली भाषा को ओल चिकि लिपि में झारखंड विधानसभा कार्मिक प्रशासनिक सुधार एवं राजभाषा विभाग, झारखंड सरकार, रांची के द्वारा अब तक नहीं लिख कर इसकी घोर उपेक्षा की जा रही है, जो कि बहुत ही दुखद व चिंताजनक विषय है.

शिकायतकर्ता

जबकि झारखंड राज्य के राजभवन के मुख्य द्वार पर एवं राज्य के कई जिला मुख्यालयों के साथ साथ प्रखंड और अंचल कार्यालयों में भी संथाली भाषा के ओल चिकी लिपि में मुख्य द्वार पर लिखा गया है. मंडल ने अवर सचिव प्रधानमंत्री कार्यालय से अनुरोध किया है कि झारखंड राज्य की एक मात्र संविधान की 8 वीं अनुसूची में मान्यता प्राप्त संथाली भाषा के ओलचिकी लिपि में झारखंड विधानसभा के मुख्य द्वार पर शीघ्र लिखा जाए।तो जांच कर जांच प्रतिवेदन समर्पित करने हेतु अवर सचिव प्रधानमंत्री कार्यालय के द्वारा प्रशासनिक सुधार और लोक शिकायत विभाग भारत सरकार नई दिल्ली के डायरेक्टर पार्थ सारथी भास्कर को दिया गया है.

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads
अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर