Sakchi Gurudwara : गुरु गोबिंद सिंह जी के प्रकाशपर्व को समर्पित महान कीर्तन दरबार 30 और 31 दिसंबर को साकची गुरद्वारा मैदान में, ये दिखेगा बड़ा बदलाव

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खालसा सेवा दल तैयारियों में जुटा, अरदास कर शुरू की गयी तैयारी, सालों तक गुरु नानक सेवा दल करता आया है यह कार्यक्रम

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

सिख पंथ के दसवें गुरु, कलगीधर साहेब श्री गुरु गोबिंद सिंह जी महाराज के 359वें प्रकाशोत्सव को समर्पित साल के अंतिम दो दिन 30 और 31 दिसंबर को साकची गुरुद्वारा में दो दिवसीय महान कीर्तन दरबार सजाया जायेगा. इस बाबत सोमवार को गुरु महाराज जी से हुकुम के लिए अरदास कर कीर्तन दीवान के लिए जोर शोर से तैयारियां शुरू की गयीं.

साकची गुरुद्वारा मैदान में अरदास कर खालसा सेवा दल ने की समागम की तैयारी तेज

इस साल के कार्यक्रम में सिख संगत को बहुत बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है. अब तक नए साल के स्वागत और पुराने साल को अलविदा करने के लिए गुरु नानक सेवा दल 30 सालों से आयोजन करता आया था. गत साल के कार्यक्रम में ही दल के हरविंदर सिंह मंटू ने यह संकेत दे दिए थे कि अब नई पीढ़ी इस आयोजन को संभालेगी. यह आयोजन समाज की युवा पीढ़ी को पश्चिमी सभ्यता से मुक्त कराने का मुख्य बिंदु बन गया था. इसी बीच साकची गुरुद्वारा के गत चुनाव के विवाद में यह नया मोड़ आ गया और खालसा सेवा दल ने यह बड़ी जिम्मेदारी को अपने कंधों पर ले लिया. 

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साकची गुरुद्वारा साहेब का आकर्षित दरबार साहेब

उसी के तहत प्रधान निशान सिंह की अगुवाई में खालसा सेवा दल, जमशेदपुर द्वारा आयोजित ‘महान कीर्तन दरबार’ को सुचारु चलाने के लिए घोषणा हुई. अब खालसा सेवा दल के बैनर तले जो समागम होगा, उसमें प्रख्यात रागी जत्थों द्वारा शब्द -कीर्तन प्रस्तुत किया जाएगा. समागम में प्रमुख रागी जत्थों की भागीदारी इसे और भी विशेष बनाएगी. इनमें भाई सरूप सिंह हजूरी रागी (श्री दरबार साहिब, अमृतसर), बीबी जसप्रीत कौर (पटियाला वाले), ज्ञानी जजबीर सिंह मुख्य ग्रंथी (तरनतारन) और भाई नारायण सिंह हजूरी रागी (साकची गुरुद्वारा साहिब) अपने सबद कीर्तन से संगत को निहाल करेंगे.

साकची गुरुद्वारा साहिब के मुख्य ग्रंथी अमृतपाल सिंह सिंह गुरुचरणों में अरदास बेनती की, जिसमें सन्नी सिंह बरियार, अमरपाल सिंह, श्याम सिंह, गुरबक्श सिंह बक्शी, सोनी सिंह, मणि सिंह शामिल हुए. सिख समुदाय के सदस्यों में इस आयोजन को लेकर गहरा उत्साह देखा जा रहा है, जो धार्मिक आस्था और एकता का प्रतीक बनेगा.

यह दो दिवसीय आयोजन गुरु गोबिंद सिंह जी के जीवन दर्शन, खालसा पंथ की स्थापना और उनकी शिक्षाओं पर केंद्रित होगा. आयोजन के दोनों दिन में गुरु का लंगर बरताया जायेगा. साथ ही शाम को दीवान में संगत की सेवा में जलपान में चाय और नाश्ते की व्यवस्था रहेगी.

खालसा सेवा दल के सक्रिय पदाधिकारी सन्नी सिंह बरियार ने बताया कि यह आयोजन न केवल स्थानीय सिख समुदाय को एकजुट करेगा, बल्कि कोल्हान क्षेत्र से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगत यहां पहुंचेंगे. आयोजन के यूट्यूब पर लाइव टेलीकास्ट किये जाने की भी बात सन्नी सिंह बरियार ने बताई, जिससे कि दुनिया भर के सिख भाई-बहन घर बैठे ही इस पवित्र आयोजन का हिस्सा बन सकें.

खालसा सेवा दल, जामशेदपुर के सक्रिय सदस्य परमजीत सिंह काले ने कहा कि यह कीर्तन दरबार हमें खालसा की शिक्षाओं को अपनाने और समाज सेवा के मार्ग पर चलने की प्रेरणा देगा. इसी क्रम में खालसा सेवा दल के एक अन्य सदस्य अमरपाल सिंह ने अपनी भावनाएं व्यक्त करते हुए बताया कि यह महान कीर्तन दरबार गुरु जी की वाणी को जीवंत करने का माध्यम बनेगा. जामशेदपुर जैसे औद्योगिक शहर में धार्मिक आस्था को मजबूत करने के लिए ऐसे आयोजन आवश्यक हैं. खालसा सेवा दल, जमशेदपुर एक प्रमुख सामाजिक और धार्मिक संगठन है, जो सिख समुदाय की सेवा में समर्पित है.

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