TEXMiN और IIT (ISM) धनबाद के सहयोग से आयोजित कार्यक्रम में प्रत्येक माह 10 हजार रुपये की फेलोशिप का प्रावधान
विशेषज्ञों ने परियोजनाओं की मौलिकता और व्यावहारिक उपयोगिता परखा
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
विद्यार्थियों के नवाचारपूर्ण विचारों को प्रोत्साहित करने और उन्हें व्यावहारिक परियोजनाओं में बदलने के उद्देश्य से बीआईटी सिंदरी में उड़ान फेलोशिप कार्यक्रम 2026 का आयोजन किया गया। संस्थान नवाचार परिषद् (IIC 9.0) की ओर से 10 अक्टूबर को आयोजित इस कार्यक्रम में TEXMiN, भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (ISM) धनबाद का सहयोग रहा। कार्यक्रम में 24 टीमों ने विशेषज्ञ निर्णायक मंडल के समक्ष अपने परियोजना प्रस्ताव प्रस्तुत किए।
फेलोशिप कार्यक्रम का उद्देश्य स्नातक और स्नातकोत्तर विद्यार्थियों को अपने नवाचारपूर्ण विचारों पर काम करने, कार्यशील प्रतिरूप विकसित करने तथा विस्तृत परियोजना प्रतिवेदन तैयार करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसके तहत चयनित विद्यार्थियों को 10 महीने तक प्रतिमाह 10,000 रुपये की वित्तीय सहायता देने का प्रावधान है। इस सहायता से विद्यार्थियों को अपने विचारों को व्यावहारिक स्वरूप देने और परियोजनाओं को आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी।
दीप प्रज्वलन के साथ हुआ शुभारंभ
कार्यक्रम का उद्घाटन पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। इस अवसर पर बीआईटी सिंदरी के निदेशक डॉ. पंकज राय, संस्थान नवाचार परिषद् 9.0 के अध्यक्ष डॉ. प्रकाश कुमार, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. आर. के. वर्मा, परिषद् के संयोजक डॉ. राहुल कुमार, कंपनी सचिव चंदन झा, TEXMiN केंद्र, IIT (ISM) धनबाद के नवाचार प्रबंधक सौरभ पांडेय तथा बीआईटी सिंदरी में TEXMiN के प्रभारी राजेश दास उपस्थित रहे।
24 टीमों के प्रस्तावों का हुआ मूल्यांकन
कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण विद्यार्थियों की ओर से प्रस्तुत परियोजना प्रस्तावों का मूल्यांकन रहा। कुल 24 टीमों ने निर्णायक मंडल के सामने अपने विचार रखे। निर्णायकों ने परियोजनाओं की मौलिकता, तकनीकी क्षमता, व्यावहारिक उपयोगिता और कार्यान्वयन की संभावनाओं के आधार पर उनका आकलन किया।
निर्णायक मंडल में चंदन झा, सौरभ पांडेय, डॉ. एस. सी. दत्ता, प्रो. रौशन आनंद, डॉ. मुकेश चंद्र और प्रो. जितेंद्र कुमार शामिल थे। प्रतिभागियों ने अपने नवाचारपूर्ण विचारों, तकनीकी समाधानों और रचनात्मक दृष्टिकोण के माध्यम से परियोजनाओं की संभावनाएं प्रस्तुत कीं।
10 महीने तक आर्थिक सहायता, प्रगति की नियमित निगरानी
उड़ान फेलोशिप के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को केवल आर्थिक सहायता ही नहीं, बल्कि परियोजनाओं को व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने के लिए नियमित प्रगति रिपोर्ट भी प्रस्तुत करनी होगी। प्रतिभागियों को प्रत्येक माह अपनी परियोजना की प्रगति और आवंटित राशि के उपयोग का विवरण देना आवश्यक होगा। इससे परियोजनाओं की निगरानी और वित्तीय पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
इस पहल के माध्यम से विद्यार्थियों को विचारों को कार्यशील प्रतिरूप में बदलने, परियोजनाओं की व्यवहार्यता समझने और तकनीकी नवाचार को व्यवस्थित परियोजना प्रतिवेदन के रूप में विकसित करने के लिए प्रेरित किया गया।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ समापन
कार्यक्रम का समापन डॉ. एस. सी. दत्ता के धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। उन्होंने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले अतिथियों, विशेषज्ञ निर्णायकों, संस्थान के पदाधिकारियों, आयोजकों और प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
उड़ान फेलोशिप कार्यक्रम विद्यार्थियों में अनुसंधान, नवाचार और उद्यमिता की भावना को बढ़ावा देने के साथ उनके विचारों को वास्तविक परियोजनाओं में बदलने का अवसर प्रदान करता है।


































