Disobeying SSP’s order : परसुडीह थाना की दबंग मुंशी नीतु कुमारी, एसएसपी के आदेश को भी ठेंगा

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एसएसपी ने 11 फरवरी को बगल के थाना में किया तबादला, नौ दिनों के बाद भी रिलीज नहीं की गयी नीतू कुमारी

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

झारखंड के डीजीपी अनुराग गुप्ता राज्य में बेहतर पुलिसिंग के लिये लगातार प्रयासरत्त हैं. पुलिस की छवि को बेहतर बनाने के लिए जन शिकायत निवारण केंद्र की शुरुआत हर जिले में की गई, जिसकी लोगों ने मुक्तकंठ से सराहना की. एक ओर डीजीपी ने खाकी का कद बढ़ाने के लिए एड़ी-चोटी एक कर रखा है, तो वहीं दूसरी ओर विभाग में पदस्थापित कुछ आरक्षी उनके प्रयासों पर पानी फेरने का काम कर रहे हैं. ऐसे लोग नियम व कानून को तोड़मरोड़ कर उसकी व्याख्या अपने हितों के अनुसार करने से भी गुरेज नहीं कर रहे, ऐसे लोगों का कृत्य पुलिस की छवि को दागदार बना रहा है.
पूर्वी सिंहभूम जिला के परसुडीह थाना में पिछले दिनों अन्मेष नामक युवक को 26 दिनों तक हाजत में रखे जाने का मामला अभी पुराना नहीं हुआ था कि इसी थाना में पदस्थापित मुंशी नीतू कुमारी का नया मामला प्रकाश में आया है, जिससे यह प्रतीत होता है कि उनके लिए वरीय अधिकारियों के आदेश बेमानी हैं.

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आलम यह है कि नीतू कुमारी की पहचान थाना मुंशी के रूप में सहयोगात्मक पुलिस की कम दबंग के रूप में अधिक है. पुलिस सूत्रों के अनुसार वह थाना प्रभारी की गुड बुक में है. उसकी ईच्छा के बिना थाना में एक पत्ता भी नहीं हिलता. थाना में हर दिन आने वाले सारे केस इसी महिला मुंशी के हाथों निपटाये जाते हैं. नीतू कुमारी की चर्चा इन दिनों थाना क्षेत्र में जनप्रतिनिधियों के बीच भी होने लगी है.

जानकारी के अनुसार पिछले दिनों 11 फरवरी को एसएसपी किशोर कौशल ने आदेश संख्या 1166-गो0 से 14 आरक्षियों का तबादला किया था. इनमें परसुडीह थाना की मुंशी नीतू कुमारी भी शामिल है. तबादला सूची के क्रमांक-8 में नीतू कुमारी का तबादला सुंदरनगर थाना किया गया है. आज नौ दिनों के बाद भी नीतू कुमारी ने अपने नये पदस्थापत क्षेत्र में योगदान नहीं दिया है. पुलिस के लोग ही इसे वरीय अधिकारियों के आदेश की अवहेलना बता रहे हैं. क्षेत्र में चर्चा है कि नीतू कुमारी को थाना प्रभारी का आशीर्वाद है, जिस कारण वह आदेश का अनुपालन नहीं कर रही है. बहरहाल, मामला चाहे कुछ भी हो, अब देखने वाली बात होगी कि इस मामले में वरीय अधिकारियों की क्या भूमिका रहती है.

बताया जाता है कि यह तबादला परसुडीह से सुंदरनगर में किया गया है, जो तबादला नहीं कहा जा सकता है. परसुडीह के बगल में ही तबादला होना कहीं न कहीं नीतू कुमारी की आला अधिकारियों के बीच पहुंच को ही परिलक्षित करने की बात पुलिस के लोग कर रहे. यहां चर्चा तो यह है कि परसुडीह थाना में नीतू कुमारी ने जो नाम कमाया है, उससे सुंदरनगर भी अछूता नहीं रहेगा. ऐसे में नियम के अनुसार नीतू कुमारी का तबादला तो शहर से दूर किया जाना चाहिए था.

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