Good news for the Sikh community : पंथ के प्रसिद्ध गुरमत प्रचारक रंजीत सिंह ढडरियां वाले 2027 में जमशेदपुर की संगत के करेंगे दर्शन

SHARE:

सीजीपीसी प्रधान को दिया भरोसा, पंजाब में मिलने पहुंचे, फरवरी में होगा बड़ा समागम 

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर की सिख संगत के लिए अच्छी खबर है। सिख कौम के पंथ प्रसिद्ध विद्वान व विश्व प्रसिद्ध गुरमत प्रचारक रंजीत सिंह ढडरियां वाले जमशेदपुर की संगत के दर्शन करेंगे। पंजाब प्रवास के दौरान बीते दिनी सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान भगवान सिंह ने उनसे विशेष मुलाकात की। इस दौरान जमशेदपुर की समूह नानक नाम लेवा संगत की भावनाओं को उन तक पहुंचाया गया। भगवान सिंह ने उन्हें 2027 जनवरी-फरवरी के दौरान जमशेदपुर में गुरमत समागम करने की अपील की। तब भाई रंजीत सिंह ढाडरियां वाले ने भगवान सिंह के माध्यम से संगत की इस अपील को बहुत ही प्यार और सत्कार से स्वीकार करते हुए भरोसा दिया कि जमशेदपुर की संगत को निराश नहीं किया जाएगा।

प्रचारक रंजीत सिंह ढडरियां वाले

उन्होंने अपने सहयोगियों को इस बाबत तत्काल कार्यक्रम नोट करवाया और आपसी संपर्क बनाये रखने के लिए दूरभाष नंबर भी सांझे (आदान प्रदान) किए। ज्ञानी रंजीत सिंह ने भगवान सिंह से कहा कि समागम की तारीख निर्धारित होते ही लगभग दो महीने पहले सीजीपीसी को सूचित कर दिया जाएगा।

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

गौरतलब है कि भाई रंजीत सिंह ढडरियां वाले पिछले कई सालों से गुरवाणी आधारित विचारधारा, नौजवानों को नशे और अंधविश्वासों से दूर रहने का संदेश, गुरु साहिबों की शिक्षा अनुसार जीवन जीने की प्रेरणा एवं सामाजिक जागरूकता के विषय को बड़े पैमाने पर देश-विदेशों में प्रचार प्रसार कर रहे हैं। उनके गुरमत समागमों में बड़ी संख्या में संगत हाजरी लगाती है, लेकिन खासकर सिख नौजवान वर्ग उनके गुरमत विचारों से जुड़ रहा है। 

सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह और उनके प्रतिनिधियों ने इस मुलाकात को बहुत ही सफल और उत्साह जनक बताते आशा प्रकट की, कि आने वाले समय में जमशेदपुर की सिख संगत को भी भाई साहेब रंजीत सिंह ढडरियां वाले के गुरमत विचार सुनने का सौभाग्य प्राप्त होगा। वहीं भगवान सिंह ने फतेह लाइव को बताया कि फरवरी में संभवता प्रचारक की तारीख बुक हो सकती है. बड़े पैमाने पर लौहनगरी में यह धार्मिक समागम सजाकर इतिहास रचा जायेगा।

अभी-अभी

Horoscope

Weather

और पढ़ें