फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को आगे बढ़ाते हुए बिष्टुपुर स्थित नरभेराम हंसराज इंग्लिश स्कूल (NHES) ने अपने परिसर में 150 किलोवाट पीक (KWP) क्षमता का अत्याधुनिक सोलर पावर प्लांट स्थापित किया है। यह परियोजना स्कूल की ग्रीन बिल्डिंग पहल का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसका सफल संचालन पिछले सप्ताह शुरू हो चुका है।

विश्व प्रकृति संरक्षण दिवस के अवसर पर स्कूल के अध्यक्ष नकुल कामानी ने इस सोलर पावर प्लांट को शहरवासियों को समर्पित किया। इस मौके पर स्कूल प्रबंधन समिति के सदस्य, यूनिवर्सल एनर्जी के निदेशक दमन दास तथा ग्रीन बिल्डिंग परियोजना का नेतृत्व करने वाले नलिन गोयल भी उपस्थित रहे।
स्कूल में स्थापित यह सोलर पावर प्लांट उच्च दक्षता वाली TOPCON तकनीक और Waaree के सोलर पैनलों से तैयार किया गया है। यह जमशेदपुर के प्रमुख और बड़े सोलर इंस्टॉलेशन में शामिल है। इससे प्रतिवर्ष लगभग 3,375 टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी, जो करीब 3,835 पेड़ों के संरक्षण के बराबर पर्यावरणीय लाभ प्रदान करेगा।
स्कूल के अध्यक्ष नकुल कामानी ने कहा कि शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं है। स्वच्छ ऊर्जा को अपनाकर स्कूल न सिर्फ अपने कार्बन फुटप्रिंट को कम कर रहा है, बल्कि विद्यार्थियों और अभिभावकों के सामने पर्यावरण संरक्षण का व्यावहारिक उदाहरण भी प्रस्तुत कर रहा है।
इस अवसर पर स्कूल में वृक्षारोपण अभियान भी चलाया गया। कक्षा छह के विद्यार्थियों ने औषधीय पौधे लगाए, जबकि कक्षा 12 के विद्यार्थियों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधों और वृक्षों का रोपण कर हरित वातावरण बनाने का संदेश दिया।
यह सोलर पावर प्लांट टाटा स्टील यूटिलिटीज एंड इंफ्रास्ट्रक्चर सर्विसेज लिमिटेड (TSUISL) की नेट मीटरिंग योजना के तहत संचालित होगा। इसके माध्यम से अतिरिक्त उत्पादित बिजली ग्रिड में भेजी जाएगी और उसका समायोजन स्कूल की बिजली खपत के साथ किया जाएगा।
स्कूल प्रबंधन का कहना है कि स्वच्छ ऊर्जा और पर्यावरण संरक्षण की यह पहल विद्यार्थियों को टिकाऊ विकास, जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा के महत्व से जोड़ने का एक प्रभावी माध्यम बनेगी। साथ ही, यह उन्हें जिम्मेदार और जागरूक वैश्विक नागरिक बनने के लिए प्रेरित करेगी।









































