WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Jamshedpur : 17 सूत्री मांगों पर केंद्र सरकार के रवैये के खिलाफ मजदूर संगठनों ने दिखाई एकजुटता

SHARE:

  • 9 जुलाई को देशव्यापी आम हड़ताल को लेकर ट्रेड यूनियनों की प्रेस कॉन्फ्रेंस 7 जुलाई को, INTUC कार्यालय में होगी प्रेस वार्ता
  • प्रेस वार्ता में होगा हड़ताल की रणनीति का खुलासा, ट्रेड यूनियनें सरकार से आर-पार की लड़ाई के मूड में

फतेह लाइव, रिपोर्टर

केंद्रीय ट्रेड यूनियनों और कर्मचारी फेडरेशनों के संयुक्त मंच द्वारा देशभर में 9 जुलाई 2025 को आहूत राष्ट्रव्यापी आम हड़ताल को लेकर गोलमुरी टीनप्लेट वर्कर्स यूनियन (INTUC) कार्यालय में आगामी 7 जुलाई को दोपहर 4 बजे से एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी. यह हड़ताल मूल रूप से 20 मई को प्रस्तावित थी, जिसे पहलगाम की दुर्भाग्यपूर्ण घटना के बाद राष्ट्रीय स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थगित कर 9 जुलाई के लिए पुनर्निर्धारित किया गया. इस हड़ताल का समर्थन संयुक्त किसान मोर्चा समेत कई जनसंगठनों ने भी किया है.

इसे भी पढ़ें : Jamshedpur : सशक्त ग्रामीण स्वास्थ्य की दिशा में कदम: पीएचसी आसनबनी में शुरू हुई प्रसव सेवा

Gambhir Car Associate Motion Ads

कॉरपोरेटपरस्त नीतियों के खिलाफ राष्ट्रव्यापी विरोध

हड़ताल की प्रमुख मांगों में चार श्रम संहिताओं को वापस लेना, श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा, न्यूनतम मजदूरी, स्थायी रोजगार, ठेका प्रथा पर रोक, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के निजीकरण पर रोक जैसी प्रमुख बातें शामिल हैं. इन श्रम संहिताओं को सितंबर 2020 में बिना पर्याप्त चर्चा के संसद में पारित किया गया था. संयुक्त ट्रेड यूनियन मंच का कहना है कि इन संहिताओं के लागू होने से मजदूरों के अधिकारों में कटौती होगी और उनके शोषण का रास्ता साफ होगा. अब तक इनको लागू नहीं किया गया है लेकिन केंद्र सरकार विभिन्न राज्यों में इन्हें पीछे के रास्ते से लागू करवाने की कोशिश कर रही है.

इसे भी पढ़ें : Dhanbad : केनरा बैंक ने बीआईटी सिंदरी में चलाया पौधारोपण अभियान

“श्रम संहिताएं वापस लो” – मजदूर संगठनों की मुख्य मांग

7 जुलाई को आयोजित प्रेस वार्ता की अध्यक्षता राकेश्वर पांडे करेंगे और इसमें विभिन्न यूनियन प्रतिनिधि हड़ताल की तैयारियों व जनसंपर्क अभियानों की जानकारी साझा करेंगे. कार्यक्रम के आयोजकों ने सभी मीडिया संस्थानों से अपील की है कि वे इस महत्वपूर्ण मुद्दे को जन-जन तक पहुंचाने के लिए अपने प्रतिनिधियों को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भेजें और समाचार कवरेज के माध्यम से जनहित में इसे प्रसारित करें. आयोजन स्थल पर फोटोग्राफर और रिपोर्टर के पहुंचने का आग्रह किया गया है.

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर