Jamshedpur Breaking : सिख पंथ के कविशर जत्था जसबीर सिंह मत्तेवाल, उनके दामाद समेत तीन की उत्तर प्रदेश में सड़क दुर्घटना में मौत, पंजाब जाकर बस गया था परिवार, घटना के 20 मिनट पहले बिल्ला को किया था फोन, सिख समाज में पसरा मातम

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बिल्ला मत्तेवाल के बेटे को लेकर घटनास्थल पर हुए रवाना, कोलकाता में कार्यक्रम करने के लिए आ रहे थे 

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

इस वक्त की बड़ी खबर के अनुसार जमशेदपुर शहर के जाने माने कविशर जसबीर सिंह मत्तेवाल की यूपी के फतेहपुर के पास खागा नामक स्थान पर भीषण सड़क दुर्घटना में मौत हो गई है. उनके साथ उनके दामाद हरचरण सिंह और उनके साथी तरसिका गांव के गुरप्रीत सिंह ने भी हादसे में प्राण त्याग दिए हैं. यह घटना लगभग दिन के 11 बजे के बाद हुई. वह अपनी मारुती ब्रेजा संख्या जेएच05सीएल – 2674 से कोलकाता में शहीदी दिहाड़े पर कार्यक्रम करने के लिए आ रहे थे. बताया जाता है कि घटना के 15-20 मिनट पूर्व ही जसबीर मत्तेवाल की साथी गुरचरण सिंह बिल्ला से बात हुई थी. जब यह घटना घटी तो स्थानीय पुलिस का जसबीर के फोन से बिल्ला से संपर्क हुआ. पुलिस ने उन्हें ही यह दुःखद सूचना दी.

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घटनास्थल पर कविशर मत्तेवाल का शव

इस घटना के मिलते ही कविशर जसबीर मत्तेवाल को को चाहने वालों में शोक की लहर दौड़ पड़ी. उनके टिनप्लेट 10 नंबर बस्ती स्थित पूर्व के आवास से लेकर पूरे शहर में मातम पसर गया. बिल्ला ने देर न करते हुए घटनास्थल के लिए रवाना हो गए. नेशनल हाईवे पर मत्तेवाल का बेटा था. उसे भी बुलाया गया और उससे बातों को छुपाते हुए बिल्ला निकल गए.

कविशर जसबीर का दामाद

मत्तेवाल गुरु घर के प्रेमी थे. तीन साल पूर्व ही उनका परिवार जमशेदपुर को छोड़ते हुए पंजाब में जा बसा. वहां मत्तेवाल गांव में उनका पैतृक आवास है, जबकि वह अमृतसर में घर लेकर रहने लगे. अमृतसर स्वर्णमंदिर के हेडग्रंथी ज्ञानी मलकीत सिंह से उन्होंने अपने संबंध जोड़ते हुए उनके बेटे से अपनी शादी की थी. उनका दामाद भी गुरु घर से जुड़े होने के नाते अपने ससुर पिता के साथ ही कविशरी के कार्यक्रम में सहयोग करता था. ट्रांसपोर्ट के काम के सिलसिले से उनका शहर आना जाना रहता था.

तरसिका का शव

 

पिछले दिनों बिष्टुपुर गुरुद्वारा के चुनाव के विवाद को लेकर अमृतसर से टीम आई थी. उस टीम में जसबीर सिंह मत्ते वाल भी थे. यहां और कोलकाता में विभिन्न समागम करते हुए वह पंजाब लौट गए थे. इधर, शहीदी दिहाड़े पर कोलकाता में फिर उन्हें कार्यक्रम के लिए आमंत्रित किया गया था, लेकिन भगवान को कुछ और ही मंजूर था. फतेह लाइव परिवार इस दुख की घड़ी में शोक प्रकट करता है. जसबीर सिंह मत्तेवाल से हमारे भी पारिवारिक संबंध रहे हैं. वरीय संपादक चरणजीत सिंह ने शोक जताते हुए कहा की यह बहुत ही दुखदायी घटना घटी है. वाहेगुरु परिवार को दुख सहने की शक्ति प्रदान करें.

इसी ब्रेजा कार में हुई घटना 

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