XLRI ऑडिटोरियम में हृदय-सुरक्षित शहर बनाने की पहल शुरू, 50 AED मशीनों के लिए मिला योगदान; CPR प्रशिक्षण और जीवनरक्षक उपकरणों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर को हृदय-सुरक्षित शहर बनाने की दिशा में रविवार, 11 अक्टूबर को ‘दिल धड़कने दो’ अभियान की शुरुआत की गई। XLRI ऑडिटोरियम में आयोजित कार्यक्रम में अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में लोगों की जान बचाने के लिए CPR (कार्डियोपल्मोनरी रिससिटेशन) प्रशिक्षण को बढ़ावा देने और AED (ऑटोमेटेड एक्सटर्नल डिफिब्रिलेटर) मशीनों की उपलब्धता बढ़ाने पर जोर दिया गया। अभियान के तहत शहर में 100 AED मशीनें उपलब्ध कराने की अपील की गई, जिसके जवाब में कार्यक्रम के दौरान 50 मशीनों के लिए योगदान मिला।
इस पहल का उद्देश्य हृदय संबंधी आपात स्थिति में समय पर जीवनरक्षक सहायता सुनिश्चित करना और आम नागरिकों को CPR तथा AED के इस्तेमाल के लिए प्रशिक्षित करना है। अभियान को XLRI, IGMA-oikos, iCARE–रिवाइव हार्ट फाउंडेशन और रोटरी डिस्ट्रिक्ट 3250 के जमशेदपुर स्थित सभी रोटरी क्लबों का सहयोग प्राप्त है।
CPR और AED की भूमिका पर दिया जोर
कार्यक्रम की शुरुआत में टाटा मेन हॉस्पिटल, जमशेदपुर के कार्डियोलॉजी विभागाध्यक्ष एवं मुख्य सलाहकार डॉ. मंदार शाह ने हृदय संबंधी आपात स्थितियों में त्वरित कार्रवाई के महत्व को समझाया। उन्होंने कहा कि CPR का प्रशिक्षण और AED मशीनों की उपलब्धता अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने जमशेदपुर में सार्वजनिक स्थानों पर जीवनरक्षक AED मशीनें स्थापित करने की आवश्यकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम में टाटा स्टील लिमिटेड के वाइस प्रेसिडेंट, कॉर्पोरेट सर्विसेज डी. बी. सुंदर रामम मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने रोटरी क्लब ऑफ स्टील सिटी की इस पहल की सराहना की और कहा कि टाटा स्टील इस जनहितकारी अभियान में कदम से कदम मिलाकर सहयोग करेगी। उन्होंने बताया कि टाटा स्टील के प्लांट के भीतर भी AED मशीनें लगाई जाएंगी। उन्होंने मीडिया से भी इस अभियान के प्रति जागरूकता बढ़ाने की अपील की और कहा कि टाटा स्टील जमशेदपुर के नागरिकों के हित में कार्य करने के लिए प्रतिबद्ध है।
CPR प्रशिक्षण से बचाई जा सकती है जान
विशिष्ट अतिथि के रूप में मुंबई के होली फैमिली हॉस्पिटल के मुख्य सलाहकार हृदय रोग विशेषज्ञ और रिवाइव हार्ट फाउंडेशन (iCARE) के संस्थापक डॉ. ब्रायन पिंटो शामिल हुए। उन्होंने फाउंडेशन के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रशिक्षित पुलिस कांस्टेबल, सुरक्षा गार्ड, रेलवे पुलिसकर्मियों और अन्य लोगों ने आपात स्थितियों में CPR तथा AED के इस्तेमाल से कई लोगों की जान बचाने में मदद की है। उन्होंने जमशेदपुर में इस अभियान की शुरुआत के लिए डॉ. मंदार शाह की सराहना की।
रिवाइव हार्ट फाउंडेशन की ऑपरेशंस हेड सुमैया राघवन ने CPR तकनीक का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। उन्होंने उपस्थित लोगों को CPR देने की प्रक्रिया समझाई और AED मशीन के इस्तेमाल का तरीका भी बताया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उन्होंने पांच लाख लोगों को CPR देने के लिए प्रशिक्षित करने में योगदान दिया है।
इस अवसर पर टाटा स्टील लिमिटेड की जनरल मैनेजर, मेडिकल सर्विसेज डॉ. विनिता सिंह ने भी अपने विचार रखे। उन्होंने इस अभियान में टाटा स्टील और टाटा मेन हॉस्पिटल की भागीदारी के बारे में जानकारी दी।
100 AED मशीनों के लिए अपील, 50 मशीनों का योगदान
कार्यक्रम के दौरान रोटेरियन निकिता मेहता और रोटेरियन दीपक डोकानिया ने बताया कि जमशेदपुर के कई प्रतिष्ठित नागरिकों और संस्थानों ने AED मशीनें उपलब्ध कराने की पहल की है। शहर में कुल 100 AED मशीनें उपलब्ध कराने की अपील की गई। आयोजन के दौरान उपस्थित लोगों की ओर से 50 मशीनों के लिए योगदान दिए जाने की जानकारी दी गई।
अभियान से जुड़ी मुख्य टीम में जमशेदपुर के विभिन्न रोटरी क्लबों के प्रतिनिधियों के साथ शहर की कई अन्य प्रतिष्ठित हस्तियां भी शामिल हैं। सभी ने इस पहल को सफल बनाने और नागरिकों के बीच जीवनरक्षक प्रशिक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
हृदय-सुरक्षित शहर बनाने की पहल
‘दिल धड़कने दो’ अभियान का लक्ष्य अधिक से अधिक नागरिकों को CPR का प्रशिक्षण देना, सार्वजनिक स्थानों पर AED मशीनों की उपलब्धता बढ़ाना और आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराने की संस्कृति विकसित करना है।
अचानक हृदय गति रुकने की स्थिति में शुरुआती मिनट बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। ऐसे में प्रशिक्षित नागरिकों की उपलब्धता, समय पर CPR और जरूरत पड़ने पर AED का इस्तेमाल जीवन बचाने की संभावना बढ़ा सकता है। जमशेदपुर में शुरू की गई यह पहल शहर को हृदय संबंधी आपात स्थितियों से निपटने के लिए अधिक सक्षम बनाने की दिशा में एक सामूहिक प्रयास है।


































