Jamshedpur : कुणाल षाडंगी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से की भेंट, भ्रष्टाचार, रेल, खेल, पुरुष अधिकार, स्वास्थ्य और शिक्षा सरीखे मांगों पर संज्ञान लेने का किया आग्रह

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फतेह लाइव, रिपोर्टर।

पूर्व विधायक सह प्रदेश भाजपा प्रवक्ता कुणाल षाडंगी ने शुक्रवार को महामहिम राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में शिष्टाचार भेंट किया. इस दौरान उन्हें नववर्ष 2024 सहित आगामी मकर संक्रांति और टुसू पर्व की अग्रिम शुभकामनाएं प्रेषित किया. मुलाकात के क्रम में कुणाल षाडंगी ने राष्ट्रपति महोदया को छह प्रमुख मांगों के संदर्भ में संज्ञान लेने का आग्रह किया.

भ्रष्टाचारः कुणाल ने राष्ट्रपति महोदया को झारखंड के कैबिनेट सचिव द्वारा द्वारा केद्रीय एजेसी द्वारा भ्रष्टाचार से जुडे मामलों पर जारी समन पर विभाग के प्रमुख से अनुमति और सूचना वाली चिट्ठी के संदर्भ में जानकारी दी. वर्ष 2012 में पीएमएलए एक्ट पारित हुई थी. इस कानून में यह स्पष्ट प्रावधान है कि ईडी को यह विशेष शक्तियाँ दी गई है कि वह वित्तीय गड़बड़ियों और भ्रष्टाचार के मामलों में सीधे जाँच कर सकती है, उसे किसी से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं है. इसलिए संघीय ढांचे में संवैधानिक परिवर्तन का नियम जो लोकसभा में पारित हुआ हो उसको राज्य के स्तर पर बदला जाना निहायत ही दुर्भाग्यपूर्ण भी है.

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पुरूष अधिकार : अभी हाल में संसद में पारित हुए विधेयक में भारतीय न्याय संहिता में एक नए कानून की धारा 69 के अनुसार अगर कोई पुरुष किसी महिला से शादी का वादा करके उसके साथ रिलेशनशीप में रहता है जबकि उसका ऐसा करने का कोई इरादा नहीं है तो उसे 10 साल की जेल हो सकती है। इस कानून का दुरूपयोग कानूनी सहमति से बनाए गए संबंधों को भी अपराध घोषित करने मे हो सकता है क्योकि यह साबित करने की जिम्मेदारी पुरुष पर छोड़ देता है कि उसने किसी महिला से शादी का वादा नहीं किया था।मामला दर्ज करने से पहले पुरुष और महिला के बीच कितने समय तक संबंध होना चाहिए, इस पर स्पष्ट जानकारी नहीं है, मतलब, वह सहमति से संबंध के 5 या 10 साल बाद भी यह मामला दर्ज कर सकती है। यह कानून कठोर है और इसके दुरुपयोग की अत्यधिक संभावना है। कुणाल ने राष्ट्रपति से आग्रह किया कि कानून को लागू करने से पहले इसकी गहन समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होने कहा कि पुरूष उत्पीडन से अन्य मामले भी लगातार बढ रहे हैं इसलिए पुरूष आयोग का गठन होना चाहिए।

स्वास्थ्य : जमशेदपुर में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर राष्ट्रीय औसत से काफी कम है। वहाँ AIIMS का सैटेलाईट केद्र स्थापित हो जिसके माध्यम से राज्य सरकार की MGM की व्यव्सथा में भी सुधार किया जा सके।

शिक्षा : आदिवासी समाज की संसकृति, परंपरा, भाषा और लिपि को बचा कर रखने के लिए संवैधानिक रूप से स्थापिक शिक्षण संस्थाओं के प्रति गंभीर प्रयास की आवश्यकता है। आपके राज्यपाल होने के समय से घाटशिला अनुमंडल में आदिवासी विश्वविद्यालय स्थापित करने की मांग जारी है। कृपया इसे अमलीजामा पहनाया जाए।

रेल : क्षेत्र की दशको पुरानी माँग चाकुलिया बडामारा रेल लाईन की योजना पर काम जल्द शुरू होना चाहिए। राष्ट्रपति ने कहा कि रेल मंत्री ने उन्हें सुचना दी है कि रेलवे बोर्ड ने इसे अपनी सूचि मे शामिल कर लिया है और कैबिनेट की स्वीकृति मिलते ही शिलान्यास किया जाएगा जिसके लिए बजटीय प्रावधान 2024-25 मे किया जाएगा।

खेल : कुणाल ने आग्रह किया कि उडीसा बंगाल और झारखंड के संगम स्थल के स्थान पूर्वी सिंहभूम जिले के आदिवासी बहुल ईलाकों में फुटबॉल, हॉकी तथा तीरंदाजी की असीम संभावनाएं हैं वहाँ पर बैंगलोर की तर्ज पर राष्ट्रीय स्तर खेल एकाडेमी की स्थापना की जाए।

राष्ट्रपति ने आश्वस्त किया कि वे सभी विषयों पर विभागीय मंत्वय लेकर आगे कार्यवाही करेंगी.

 

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