फतेह लाइव, रिपोर्टर।
समाजवादी चिंतक एवं वरीय अधिवक्ता सुधीर कुमार पप्पू ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था, बेरोजगारी, महंगाई और परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देशभर में छात्रों के मुद्दों को लेकर चल रहा आंदोलन अब व्यापक जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है और इससे केंद्र सरकार पर राजनीतिक दबाव बढ़ रहा है।
सुधीर कुमार पप्पू ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार करने में विफल रही है। उन्होंने कहा कि दिल्ली के जंतर-मंतर से लेकर पटना, लखनऊ और देश के विभिन्न हिस्सों में छात्र शिक्षा, रोजगार, पेपर लीक और परीक्षा में कथित धांधली जैसे मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्षी दल भी इन मुद्दों को संसद में उठा रहे हैं, लेकिन सरकार की ओर से अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई जा रही है।
उन्होंने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन के दौरान कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा और गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग का समर्थन किया। उन्होंने दावा किया कि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग के बीच केंद्र सरकार दबाव में है।
सुधीर कुमार पप्पू ने भाजपा और आरएसएस पर छात्र आंदोलन को लेकर बौखलाहट का आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में छात्रों और युवाओं की आवाज को सुना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि विरोध की आवाज को दबाने के बजाय सरकार को छात्रों की समस्याओं का समाधान करना चाहिए।
उन्होंने नेहा वोरा का उल्लेख करते हुए कहा कि उन्होंने छात्रों के अधिकार, पेपर लीक और परीक्षा में कथित अनियमितताओं के खिलाफ आवाज उठाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि रांची में छात्रों के आंदोलन के दौरान नेहा वोरा पर कथित रूप से स्याही फेंकने की घटना लोकतांत्रिक विरोध को दबाने का प्रयास है।
सुधीर कुमार पप्पू ने कहा कि यदि स्याही फेंकने की घटना में किसी व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि किसी भी धार्मिक नारे या विचारधारा की आड़ में लोकतांत्रिक मर्यादाओं का उल्लंघन उचित नहीं ठहराया जा सकता।
उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज को दबाने से आंदोलन खत्म नहीं होगा। शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता, निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली, रोजगार के अवसर और युवाओं के भविष्य से जुड़े सवालों का समाधान जरूरी है।
सुधीर कुमार पप्पू ने केंद्र सरकार की नीतियों और कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता के बीच असंतोष बढ़ रहा है और लोकतंत्र में अंतिम फैसला जनता का होता है। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्र, युवा और आम जनता की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए ठोस कदम उठाने चाहिए।
















