फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के सांसद बिद्युत बरण महतो ने शुक्रवार को लोकसभा में नियम-377 के अंतर्गत ईपीएस-95 (EPS-95) के तहत उच्च पेंशन के लिए आवेदन की समय-सीमा दोबारा खोलने का महत्वपूर्ण मुद्दा उठाया। उन्होंने सदन के माध्यम से केंद्र सरकार से पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारियों को एकमुश्त विशेष अवसर (One-Time Measure) प्रदान करने की मांग की।
सांसद ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय ने 4 नवंबर 2022 को EPFO बनाम सुनील कुमार बी. एवं अन्य मामले में दिए गए निर्णय के अनुपालन में वर्ष 2023 में पात्र कर्मचारियों को ईपीएस-95 के तहत उच्च वेतन पर उच्च पेंशन का विकल्प चुनने के लिए संयुक्त आवेदन प्रस्तुत करने का अवसर दिया था। उन्होंने इसे सरकार की जनहितकारी पहल बताते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में पेंशनभोगियों को लाभ मिला।
हालांकि, उन्होंने सदन को अवगत कराया कि अनेक पात्र सेवानिवृत्त कर्मचारी सीमित डिजिटल साक्षरता, ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया की जटिलता, साइबर सुरक्षा संबंधी आशंकाओं तथा तकनीकी सहायता के अभाव के कारण निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन नहीं कर सके।
बिद्युत बरण महतो ने कहा कि केवल जमशेदपुर संसदीय क्षेत्र में ही लगभग 1,200 पात्र पूर्व कर्मचारी इस समस्या से प्रभावित हैं, जबकि देशभर में भी ऐसे कर्मचारियों की संख्या काफी अधिक है।
उन्होंने श्रम एवं रोजगार मंत्री से आग्रह किया कि मानवीय एवं जनहित के दृष्टिकोण से ईपीएस-95 के अंतर्गत उच्च पेंशन के लिए आवेदन की समय-सीमा एकमुश्त विशेष अवसर के रूप में पुनः खोली जाए तथा कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) को इस संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं।










