Critical Metals के Extraction, Recovery और Recycling पर हुई अहम चर्चा
संयुक्त अनुसंधान और Technology Development के नए अवसरों पर मंथन
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
भारत और कनाडा के बीच अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और नवाचार के क्षेत्र में सहयोग को नई दिशा देने की पहल के तहत कनाडा के उच्चायोग के वाणिज्यिक मंत्री एड जेगर (Ed Jaeger) ने मंगलवार को सीएसआईआर-राष्ट्रीय धातुकर्म प्रयोगशाला (CSIR-NML), जमशेदपुर का दौरा किया। इस दौरान दोनों देशों के शैक्षणिक संस्थानों, अनुसंधान संगठनों और उद्योग जगत के बीच संभावित साझेदारी के अवसरों पर विस्तार से चर्चा हुई।

दौरे के दौरान एड जेगर ने CSIR-NML के निदेशक डॉ. संदीप घोष चौधरी तथा प्रयोगशाला के वैज्ञानिकों के साथ विचार-विमर्श किया। बैठक में विशेष रूप से Critical Metals के निष्कर्षण, पुनर्प्राप्ति और पुनर्चक्रण के क्षेत्र में सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हुई। यह क्षेत्र भारत और कनाडा दोनों के लिए रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
Critical Metals पर CSIR-NML की नई तकनीकों का किया अवलोकन
कनाडाई उच्चायोग के वाणिज्यिक मंत्री ने CSIR-NML में महत्वपूर्ण धातुओं के क्षेत्र में विकसित नवीनतम अनुसंधान और प्रौद्योगिकियों पर आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया। उन्होंने प्रयोगशाला के युवा वैज्ञानिकों और शोधकर्ताओं से संवाद कर उनके शोध कार्यों एवं तकनीकी योगदान की सराहना की।
इस अवसर पर महत्वपूर्ण धातुओं के अलावा उन्नत सामग्री (Advanced Materials) और सतत संसाधन पुनर्प्राप्ति (Sustainable Resource Recovery) के क्षेत्रों में भी भविष्य की संभावनाओं पर चर्चा की गई।
Joint Research और Industry Collaboration के बढ़ेंगे अवसर
यह दौरा भारत-कनाडा के बीच संयुक्त अनुसंधान, प्रौद्योगिकी विकास और उद्योग सहभागिता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। दोनों देशों के संस्थानों और उद्योगों के बीच सहयोग बढ़ने से नई तकनीकों के विकास तथा अनुसंधान आधारित परियोजनाओं के लिए नए अवसर सृजित होने की संभावना है।




































