फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में सिख समाज की गतिविधियों से छनकर गुरुवार को अच्छी खबर सामने आई, जब दो प्रमुख लोगों के बीच उत्पन्न हुए विवाद में समझौता हो गया और गुरुवार को सीजीपीसी के पूर्व प्रधान गुरमुख सिंह मुखे को जमशेदपुर एसडीजेएम दिव्या अश्विनी की अदालत से बरी कर दिया गया। इस मामले को लेकर दोनों पक्ष के लोगों को बधाईयां मिल रही है और सामाजिक एकता की मिसाल बताया जा रहा है।
यह है मामला
वर्ष 2019 में सीजीपीसी प्रधान रहते हुए गुरमुख सिंह मुखे की अध्यक्षता में शब्द गुरू यात्रा का आयोजन किया गया था। उस वक्त समाज में दो गुटों के बीच काफी खींचतान बनी हुई थी। तभी सुंदरनगर थाना क्षेत्र में धार्मिक यात्रा के दौरान पूर्व प्रधान गुरमुख सिंह मुखे और सिख भाजपा नेता सतबीर सिंह सोमू में ठन गई थी। दोनों के बीच धक्का मुक्की हुई थी। तब सोमू ने सुंदरनगर थाना में कांड संख्या 22/19 दर्ज कराते हुए प्रतिष्ठा को बेइज्जत करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था।
उसी मामले में गुरुवार को सोमू और मुखे की ओर से संयुक्त रूप से समझौता पत्र कोर्ट में दाखिल किया गया, जिसके बाद अदालत ने गुरमुख सिंह मुखे को बरी कर दिया। मामले में धाराएँ कंपाउंडेबल और सुलाहयुक्त होने के कारण समझौते के तहत अदालत ने बरी कर दिया। अधिवक्ता केएम सिंह मुखे की ओर से पैरवी कर रहे थे।









































