पुराने बिजली बकाये के बीच किरायेदार की पत्नी के नाम नया मीटर लगाने और विभाग के जिम्मेदारों पर मिलीभगत का आरोप
आवेदक अमित कुमार की शिकायत, करीब 16 हजार रुपये बकाया रहते दूसरा कनेक्शन कैसे हुआ जारी, दस्तावेजों की जांच कर कार्रवाई की जाए
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में भारतीय जनता पार्टी के घाघीडीह मंडल अध्यक्ष और अमित कुमार के बीच का विवाद आये दिन तूल पकड़ते हुए नए मोड़ पर पहुंच रहा है। कोर्ट कचहरी से लेकर सड़कों तक मारपीट की घटना होने के बाद भी विवाद बढ़ता जा रहा है। गत गुरुवार को मंडल अध्यक्ष पर मारपीट, छेड़खानी, छिनतई का मामला बागबेड़ा थाना में दर्ज हुआ है। उसके बाद सोमवार को इनके विवाद की गूंज बिजली विभाग के जीएम ऑफिस तक पहुंच गई।
बिजली कनेक्शन और बकाया बिल को लेकर एक उपभोक्ता ने झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के अधिकारियों के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए मामले की जांच की मांग की है। सोमवार 5 अक्टूबर को विभाग के जीएम को दिए गए आवेदन में अमित कुमार ने आरोप लगाया है कि उनके नाम से बिजली का बकाया रहने के बावजूद उनके किरायेदार के परिवार के सदस्य के नाम नया मीटर कनेक्शन जारी कर दिया गया।
आवेदन के अनुसार अमित कुमार का कहना है कि वह घाघीडीह गंगोत्री कॉलोनी स्थित अपने मकान में किरायेदार आनंद कुमार को रखते थे। किरायेदार द्वारा नियमित रूप से नौ हजार किराया देने के साथ बिजली बिल का भुगतान करने की बात कही गई थी। मकान में अमित कुमार के नाम से बिजली मीटर संख्या TRF-991P लगा हुआ था।
अमित कुमार का आरोप है कि कुछ समय बाद उन्हें जानकारी मिली कि उनके नाम से बिजली बिल की करीब 16 हजार रुपये की राशि बकाया रहने के बावजूद किरायेदार की पत्नी मधुलिका रानी के नाम से नया मीटर कनेक्शन ले लिया गया। उनका कहना है कि इस संबंध में उन्होंने बिजली विभाग में कई बार आवेदन देकर मामले की जानकारी दी, लेकिन अब तक संतोषजनक कार्रवाई नहीं हुई।
पुराने बकाये के बावजूद नया कनेक्शन देने पर उठाए सवाल
आवेदक ने अपने आवेदन में सवाल उठाया है कि जब पुराने कनेक्शन में बकाया राशि लंबित थी, तो विभाग की ओर से किन दस्तावेजों और किस प्रक्रिया के आधार पर उसी परिसर में दूसरे व्यक्ति के नाम नया मीटर जारी किया गया। उन्होंने नए कनेक्शन के लिए जमा किए गए दस्तावेजों की जांच कराने की मांग की है।
अमित कुमार का यह भी आरोप है कि उन्होंने संबंधित विभागीय अधिकारियों के अलावा प्रशासनिक स्तर पर भी मामले को उठाया, लेकिन उन्हें अब तक अपेक्षित कार्रवाई नहीं मिली। आवेदन में उन्होंने पूर्व में दिए गए आवेदन और शिकायतों का भी उल्लेख किया है।
दस्तावेजों की जांच और बकाये की जिम्मेदारी तय करने की मांग
आवेदक ने बिजली विभाग के जीएम से मांग की है कि पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट किया जाए कि नया मीटर किस आधार पर जारी किया गया और इसके लिए कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए थे। साथ ही पुराने कनेक्शन में बकाया बिजली बिल की राशि की जिम्मेदारी भी निर्धारित करने की मांग की गई है।
अमित कुमार ने विभाग से मामले की निष्पक्ष जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। उन्होंने शिकायत में यह भी आरोप लगाया है कि विभागीय अधिकारियों के साथ साथ खासकर मुख्य कार्यपालक अभियंता आनंद कौशिक की भी इस खेल में मिलीभगत है। उनका दावा है कि डीसी ऑफिस में शिकायत पर संज्ञान लिया गया, जिसके बाद उनकी पत्नी ने विभाग को उपरोक्त पत्र दिखाया, लेकिन देर शाम अधिकारी मौके पर आये और बिना कनेक्शन काटे चले गए। तब उनकी पत्नी को भी नुकसान हो सकता था।




































