फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर के परसुडीह क्षेत्र के निवासी अयन पाल (गोपाल) ने प्राइवेट बैंक से प्रताड़ित होकर आत्मदाह करने का प्रयास किया। इस घटना में वह बुरी तरह झुलस गया, जिसके बाद पड़ोसियों ने उन्हें तुरंत टीएमएच अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल उनका इलाज वहां चल रहा है. जहां उनकी हालत चिंताजनक जनक बनी हुई है।
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पहले से ही आर्थिक आर्थिक तंगी की मार झेल रहा परिवार उनका सही तरह से इलाज कराने में असमर्थ है। आलम ये है की आस -पड़ोस के लोग चंदा इकट्ठा करके उनके अस्पताल का खर्चा उठा रहे हैं. वर्तमान में टाटा मुख्य अस्पताल का एक दिन का खर्च 15000 रूपये आ रहा है. इस घटना को दस दिन हो चुके हैं.
इधर अस्पताल प्रबंधन द्वारा आयन पाल के परिजनों पर जल्द से जल्द बकाया पैसा जमा करने का दबाव दिया जा रहा है परिजनों का कहना है की रुपया नहीं देने की स्थिति में अस्पताल प्रबंधन इलाज बंद कर देने की बात कह रहा है. ऐसी स्थिति में परिजनों के सामने समस्या ये है की बकाया बिल चुकाए बिना वो अपने मरीज को एमजीएम अस्पताल भी नहीं ले जा पा रहे हैं. हार कर परिजनों ने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई है.
अयन पाल से जब बातचीत की गई तो उन्होंने बताया कि व्यापार करने के लिए उन्होंने एक प्राइवेट बैंक से ऋण लिया था, लेकिन व्यापार में असफलता के कारण वह ऋण नहीं चुका पाया. बैंक द्वारा लगातार दबाव और बैंक के लोगों द्वारा उन्हें धमकियां दी जा रही थीं। मानसिक और आर्थिक तनाव से तंग आकर उन्होंने आत्मदाह करने का फैसला किया।
कोविड महामारी के बाद कई लोगों का व्यापार पूरी तरह से चौपट हो गया है. उस पर बैंक का कर्ज और भुगतान का दवाब लोगों को ऐसे कदम उठाने पर मजबूर कर रहा है.



































