ICICI बैंक के रिलेशनशिप मैनेजर पर ग्राहकों के खातों में हेरफेर कर रकम डायवर्ट करने का आरोप
जमशेदपुर के नामदाबस्ती से भी जुड़ा है गिरफ्तार परिवार का पुराना रिश्ता
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
ओडिशा के क्योंझर जिले के बड़बिल में ग्राहकों के बैंक खातों से कथित तौर पर सुनियोजित तरीके से रकम निकालने और उसे अलग-अलग खातों में डायवर्ट करने वाले बैंक फ्रॉड सिंडिकेट का पुलिस ने खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने बाप-बेटे को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी जसप्रीत सिंह उर्फ जस्सी ICICI बैंक में रिलेशनशिप मैनेजर के पद पर कार्यरत था। पुलिस के अनुसार उसने ग्राहकों के भरोसे का कथित तौर पर दुरुपयोग करते हुए बैंकिंग दस्तावेजों और खातों में हेरफेर किया।
मुख्य आरोपी जसप्रीत सिंह को पुलिस ने 3 अगस्त 2026 को कोलकाता से गिरफ्तार किया। जांच के दौरान उसके पिता बिक्रम सिंह की भी कथित संलिप्तता सामने आने के बाद पुलिस ने 6 अगस्त को बड़बिल स्थित उनके आवास पर छापेमारी कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी हस्ताक्षर से लेकर एफडी बंद करने तक का आरोप
पुलिस जांच में बैंक फ्रॉड के लिए कथित तौर पर अपनाई गई सुनियोजित कार्यप्रणाली सामने आई है। पुलिस के अनुसार इसमें ग्राहकों के हस्ताक्षर की जालसाजी, फर्जी फिक्स्ड डिपॉजिट रसीद जारी करना, वास्तविक एफडी को समय से पहले बंद करना, रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर में अनधिकृत बदलाव और ग्राहकों के बैंक खातों का कथित रूप से धोखाधड़ीपूर्ण संचालन शामिल है। जांच में यह भी सामने आया कि ग्राहकों से कथित तौर पर निकाली गई रकम को कई मध्यस्थ अथवा म्यूल बैंक खातों के जरिए अलग-अलग स्थानों पर डायवर्ट किया गया।
14 मार्च को दर्ज हुई थी शिकायत, जांच में खुला नेटवर्क
पुलिस के अनुसार अनिता अग्रवाल ने 14 मार्च 2026 को बड़बिल थाने में लिखित शिकायत दी थी। शिकायत के आधार पर थाना कांड संख्या 131/2026 दर्ज किया गया। जांच के दौरान शिकायतकर्ता, बैंक अधिकारियों और अन्य गवाहों के बयान दर्ज किए गए। पुलिस ने बैंक रिकॉर्ड, खातों से जुड़े दस्तावेज, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और कॉल डिटेल रिकॉर्ड सहित अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की। इसी जांच के दौरान कथित बैंक फ्रॉड के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ।
जमशेदपुर के नामदाबस्ती में कभी रहता था गिरफ्तार परिवार
इस मामले का जमशेदपुर कनेक्शन भी सामने आया है। गिरफ्तार मुख्य आरोपी जसप्रीत सिंह और उसके पिता बिक्रम सिंह पूर्व में जमशेदपुर में रह चुके हैं। दोनों गोलमुरी नामदाबस्ती स्थित गुरुद्वारा के ठीक सामने किराये के मकान में रहते थे।
स्थानीय जानकारी के अनुसार कई वर्ष पहले जसप्रीत सिंह के साथ उसके पिता भी जमशेदपुर में आकर रहने लगे थे। बाद में परिवार यहां से चला गया, लेकिन नामदाबस्ती में उनके रिश्तेदार और परिचित अब भी हैं। बताया जाता है कि रिश्तेदारों का बीच-बीच में उनसे मिलने के लिए आना-जाना भी रहा है।
बड़बिल पुलिस की कार्रवाई और दोनों की गिरफ्तारी की जानकारी सामने आने के बाद नामदाबस्ती इलाके में दिनभर इस मामले की चर्चा होती रही। स्थानीय लोगों के बीच इस बात को लेकर भी चर्चा रही कि जिन लोगों को उन्होंने वर्षों पहले अपने इलाके में रहते देखा था, उनके नाम अब ओडिशा के बड़े बैंक फ्रॉड मामले में सामने आए हैं।
बड़बिल गुरुद्वारा से जुड़े जमीन सौदे का भी सामने आया एंगल
मामले में बड़बिल के स्थानीय स्तर पर एक और महत्वपूर्ण कड़ी की चर्चा सामने आ रही है। जानकारी के अनुसार बड़बिल गुरुद्वारा प्रबंधन ने पूर्व में एक जमीन खरीदी थी। इस जमीन की महिला विक्रेता की सास का निधन हो चुका है। बताया जा रहा है कि महिला की सास के बैंक खाते से भी कथित तौर पर करोड़ों रुपये की अवैध निकासी किए जाने की बात सामने आई है।
इस जानकारी के सामने आने के बाद मामला और गंभीर हो गया है। हालांकि, संबंधित बैंक खाते से हुई कथित निकासी, जमीन सौदे और गिरफ्तार आरोपियों के बीच संबंध की पुलिस स्तर पर अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। यदि जांच में इन तथ्यों की पुष्टि होती है तो बैंक फ्रॉड के नेटवर्क और रकम के लेनदेन की तस्वीर और स्पष्ट हो सकती है। पुलिस फिलहाल मामले से जुड़े खातों, लाभार्थियों और वित्तीय लेनदेन की पड़ताल कर रही है।
पुलिस को अन्य सहयोगियों और लाभार्थियों की तलाश
पुलिस जांच अभी जारी है। पुलिस अब कथित फ्रॉड से लाभान्वित होने वाले लोगों की पहचान, धोखाधड़ी से जुड़ी पूरी रकम का पता लगाने, आपत्तिजनक दस्तावेज एवं इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद करने तथा नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। जांच में यह भी पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि ग्राहकों की रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई और इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल थे।
बड़बिल पुलिस ने वित्तीय लेनदेन में सतर्कता की अपील की
बड़बिल पुलिस ने वित्तीय धोखाधड़ी में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की बात कही है। साथ ही आम लोगों से बैंकिंग लेनदेन के दौरान सतर्क रहने की अपील की गई है।
पुलिस ने ग्राहकों को सलाह दी है कि बैंकिंग लेनदेन के लिए केवल आधिकारिक बैंकिंग चैनल का इस्तेमाल करें और खाते, मोबाइल नंबर, एफडी या किसी अन्य बैंकिंग सुविधा में संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तत्काल बैंक और पुलिस को इसकी सूचना दें। पुलिस के अनुसार मामले की जांच जारी है और बैंक फ्रॉड से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
















