WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Jamshedpur : पेशा कानून लागू करने में झारखण्ड सरकार का रवैया ठीक नहीं

SHARE:

पेशा कानून लागू होने से शिड्यूल्ड क्षेत्रों में सशक्त होगी ग्राम सभा

ग्रामीण विकास की योजना बनाएंगे ग्रामवासी : राम सिंह मुंडा

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

पेसा कानून 1996 शत प्रतिशत लागू करने की मांगों को लेकर आदिवासी सुरक्षा परिषद केंद्रीय समिति के बैनर तले, आज उपयुक्त कार्यालय पूर्वी सिंहभूम में, एक दिवसीय सांकेतिक भूख हड़ताल केंद्रीय अध्यक्ष रमेश हांसदा महानगर अध्यक्ष राम सिंह मुंडा के नेतृत्व में रखी गई. इस आदिवासी सुरक्षा परिषद के केंद्रीय अध्यक्ष रमेश हांसदा ने कहा कि राज्य सरकार जल्द से जल्द पेसा कानून 1996 का नियमावली बना कर अनुसूचित क्षेत्रों में लागू करे, ताकि झारखण्ड के शिड्यूल्ड क्षेत्रों में ग्राम सभा शसक्त हो कर काम कर सके.

रमेश हांसदा ने झारखंड के पक्ष और विपक्ष के सभी विधायकों से आग्रह करते हुए कहा कि पेसा कानून के मामले को झारखंड विधानसभा में उठाएं और पैसा कानून लागू कराएं. इस एक दिवसीय भूख हड़ताल कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राम सिंह मुंडा ने कहा कि झारखंड सरकार की मंशा झारखंड के आदिवासी मूल वासियों के लिए ठीक नहीं है. अगर सरकार की मंशा साफ होती तो आबुआ दिशूम राज का नारा लगाकर सत्ता हासिल करने वाली सरकार इस कानून को लागू करने में आना कानी नहीं करती. मुंडा ने कहा कि, शेड्यूल एरिया में पैसा कानून लागू होने से ग्राम सभा के माध्यम से ग्रामीण विकास का खाखा तैयार कर सकेंगे ग्रामवासी.

इस अवसर पर सरायकेला खरसावां जिला अध्यक्ष सीताराम हांसदा ने कहा कि ऑल चिकी संथाली भाषा, और हो भाषा वारंग छीती लिपि से, क्लास वन से लेकर पांचवी तक झारखंड के प्रत्येक विद्यालय में शिक्षकों की नियुक्ति कर पढ़ाई शुरू किया जाए. इस भूख हड़ताल कार्यक्रम में, भाजपा अनुसूचित जनजाति मोर्चा झारखंड प्रदेश के कोषाध्यक्ष काजू सांडील ने कहा कि झारखंड के आदिवासियों को हेमंत सोरेन सरकार ठगने का काम कर रही है.

इस अवसर पर सांकेतिक भूख हड़ताल में बैठने वालों में मुख्य रूप से रमेश हांसदा, राम सिंह मुंडा, काजू सांडील, ममता भूमिज, सीताराम हांसदा, मनसा मुर्मू, वीर सिंह मुर्मू, कृष्ण टुडू कार्तिक लकड़ा,मालती हेंब्रम, पार्वती मारडी, सोनाराम हेंब्रम, बाबूराम मरांडी, स्वप्न कुमार महतो, सोनाराम हेंब्रम, शंकर, सोमाय, राजेश कुमार महतो, गणेश सरदार, राजेश गोप, बाबूराम माडी शिशिर कोले, गंगा लोहरा, जुझार समद, दशरथ हांसदा,मालती हेंब्रम, सविता मुंडा, आशा देवी, सुमन सांडील, चतुर हेंब्रम, वीर सिंह, बबलू करुआ, संजय समानता, सुशील हेस्सा, बास्के, आदि शामिल हुए.

भूख हड़ताल कार्यक्रम के दौरान ही एक प्रतिनिधिमंडल उपायुक्त पूर्वी सिंहभूम से मिलकर राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा. भूख हड़ताल कार्यक्रम में बीजेपी जिला अध्यक्ष सुधांशु ओझा एवं जिला उपाध्यक्ष बबुआ सिंह, बीजेपी के डॉ राजीव, गजेंद्र सिंह ने मिल कर सभी को जूस पिला कर भूख हड़ताल कार्यक्रम का समापन कराया.

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर