फ़तेह लाइव, रिपोर्टर.
झारखंड के कुख्यात गैंगस्टर सुजीत सिन्हा रविवार देर रात पुलिस मुठभेड़ में मारा गया। पुलिस के अनुसार उसे साहिबगंज मंडल कारा से धनबाद जेल स्थानांतरित किया जा रहा था। इसी दौरान जामताड़ा जिले में उसने पुलिस अभिरक्षा से भागने की कोशिश की। पुलिस का दावा है कि उसने सुरक्षा में तैनात एक जवान का हथियार छीनकर फायरिंग कर दी, जिसके बाद आत्मरक्षा में पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की। गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और अस्पताल ले जाने के दौरान उसकी मौत हो गई।
पुलिस के अनुसार कैदी वाहन का टायर पंचर होने के बाद सुजीत सिन्हा को दूसरी गाड़ी में बैठाया जा रहा था। इसी बीच उसने भागने का प्रयास किया। पुलिस का कहना है कि इस दौरान उसने जवान की इंसास राइफल छीनकर गोली चलाई, जिसके बाद पुलिस ने जवाबी फायरिंग की। मामले की जांच के लिए फॉरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया है और पूरे घटनाक्रम की जांच कराई जा रही है।
सुजीत सिन्हा झारखंड के सबसे चर्चित अपराधियों में शामिल था। उसके खिलाफ हत्या, रंगदारी, लेवी वसूली, आर्म्स एक्ट, हत्या के प्रयास और संगठित अपराध समेत 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज बताए जाते हैं। पुलिस के अनुसार वह लंबे समय से विभिन्न जिलों में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क का संचालन कर रहा था और जेल में रहने के बावजूद उसके गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी।
घटना के बाद झारखंड पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। वरिष्ठ अधिकारियों ने कहा है कि पूरे एनकाउंटर की कानूनी प्रक्रिया के तहत जांच होगी और सभी तथ्यों की समीक्षा की जाएगी। पुलिस का मानना है कि सुजीत सिन्हा की मौत राज्य में संगठित अपराध के खिलाफ चल रहे अभियान की एक बड़ी कार्रवाई है।
हालांकि, एनकाउंटर को लेकर पुलिस के आधिकारिक बयान के अलावा अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। विस्तृत रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्पष्ट तस्वीर सामने आएंगी। फिलहाल पुलिस ने इसे हिरासत से भागने की कोशिश के दौरान हुई जवाबी कार्रवाई बताया है।
















