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Potka : रोलाडीह गांव में जल मीनार की खराबी पर ग्रामीणों का उग्र प्रदर्शन

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  • डीएमएफटी फंड से बने जल मीनार की खराबी को लेकर ग्रामीणों ने रैली निकाली, मरम्मत की मांग की

फतेह लाइव, रिपोर्टर

पोटका के रोलाडीह गांव में ग्रामीणों ने जल मीनार की खराबी को लेकर उग्र प्रदर्शन किया. यह जल मीनार डेढ़ साल पहले पेयजल स्वच्छता विभाग द्वारा डीएमएफटी फंड के माध्यम से बनवाया गया था, लेकिन अभी तक यह काम नहीं कर रहा है. इस जल मीनार के खराब होने के कारण गांववासियों को पेयजल आपूर्ति नहीं मिल रही है. पंचायत समिति सदस्य छवि दास और स्थानीय लोगों ने कई बार विभाग को शिकायत पत्र देकर जल मीनार की मरम्मत की मांग की, लेकिन विभाग ने इस पर कोई ध्यान नहीं दिया. इसके बाद, आक्रोशित ग्रामीणों ने जल मीनार के सामने रैली निकाली और इसे शीघ्र मरम्मत करने की चेतावनी दी.

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ग्रामीणों का कहना है कि एक से डेढ़ किलोमीटर दूर से पानी लाने में उन्हें काफी दिक्कत होती है, खासकर गर्मी के मौसम में. स्कूल जाने वाले बच्चों को भी पानी लाने में समय बर्बाद हो रहा है. छात्रा सुजाता सरदार और किरण सरदार ने बताया कि कई बार पानी लाने में इतनी देर हो जाती है कि वे विद्यालय नहीं जा पाती हैं, जिससे उनकी पढ़ाई प्रभावित हो रही है. गांव के आनंद दास और अन्य ग्रामीणों ने कहा कि उन्हें गर्मी के कारण और अधिक परेशानी हो रही है, क्योंकि शुद्ध पेयजल लाने के लिए दूसरे गांवों सालोयडीह और बांधडीह से दूर-दूर जाना पड़ता है.

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पंचायत प्रतिनिधि छवि दास ने कहा कि पहले ग्रामीण तालाब का पानी पीते थे, लेकिन जब उनकी नजर गिरी तो उन्होंने इस पर रोक लगा दी. अब चापाकल से पानी लाने की कोशिश की जाती है, लेकिन फिर भी महिलाओं को डेढ़ से दो किलोमीटर दूर जाना पड़ता है. यह स्थिति गंभीर है क्योंकि महिलाएं अधिकतर समय पानी लाने में ही बिता देती हैं और बच्चों को छोड़कर घर का काम करने का समय नहीं मिल पाता है.

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