Breaking News
Jamshedpur Firing Case Big Succes : टीटू शर्मा और मनोज सरकार गिरफ्तार, बिंदल मॉल फायरिंग की साजिश पर पुलिस का शिकंजा Jamshedpur : टाटा मोटर्स में बोनस समझौता – 14.03% बोनस, अधिकतम ₹87,543 और औसत ₹53,787 Brutal Attack In Jamshedpur : कीताडीह ग्वाला पट्टी में एक युवक की बेरहमी से पिटाई, देखें – दुस्साहस वाला – Video Jamshedpur Police : दुकानदारों को हड़काने और ग्राहकों पर लाठी चार्ज लाठीचार्ज की चारों ओर निंदा, बाबूलाल मरांडी ने कसा मुख्यमंत्री पर ये तंज Concern: बिहार में महिला सुरक्षा पर चिराग पासवान का बड़ा बयान, बोले- ऐसी सरकार का हिस्सा होने पर शर्मिंदगी महसूस होती है Jamshedpur : सुंदरनगर में गैर आदिवासी जमीन पर धर्म के नाम पर कब्जे का आरोप, निर्माण स्थल में तोड़फोड़, देखें – Video
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Jamshedpur : 20 अगस्त की सुनवाई से पहले विवादित जमीन पर बुलडोजर, सिदगोड़ा में गरमाया मामला

SHARE:

प्रशासन-टाटा स्टील की संयुक्त कार्रवाई पर उठे सवाल, कब्जे का दावा करने वाले पक्ष ने पूछा—अदालत में मामला लंबित तो कार्रवाई का आधार क्या?

फतेह लाइव, रिपोर्टर।

जमशेदपुर में सिदगोड़ा थाना क्षेत्र के शिव सिंह बागान सी रोड स्थित विवादित जमीन पर बुधवार को प्रशासन और टाटा स्टील की संयुक्त कार्रवाई के बाद मामला गरमा गया है। प्रशासनिक टीम की मौजूदगी में विवादित स्थल को कथित कब्जे से मुक्त कराने की कार्रवाई की गई। इस दौरान बुलडोजर चलाए जाने की बात भी सामने आई है। कार्रवाई के बाद जमीन पर लंबे समय से कब्जे और निवास का दावा करने वाले पक्ष ने कड़ा विरोध जताते हुए पूरी कार्रवाई के कानूनी आधार पर सवाल खड़े किए हैं।

Gambhir Car Associate Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

विरोध कर रहे पक्ष का दावा है कि उक्त जमीन को लेकर वर्ष 2009 से विभिन्न न्यायालयों में विवाद चल रहा है। मनोहर सिंह, मिस्टर पुरी और प्रभाकर सिंह के पक्ष का कहना है कि अब तक जिन न्यायालयों में मामले की सुनवाई हुई है, उनमें उनके पक्ष में आदेश पारित हुए हैं। उनका यह भी दावा है कि जमीन पर करीब चार दशक से कई परिवार मकान बनाकर रह रहे हैं और लंबे समय से वे इस जमीन पर अपना कब्जा बताते रहे हैं।

20 अगस्त को सिविल कोर्ट में सुनवाई, उससे पहले कार्रवाई पर सवाल

मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल अब 20 अगस्त को होने वाली सिविल कोर्ट की सुनवाई को लेकर उठ रहा है। पीड़ित पक्ष का कहना है कि जब जमीन विवाद से जुड़ा मामला न्यायालय में लंबित है और अगली सुनवाई की तारीख पहले से निर्धारित है, तो सुनवाई से कुछ दिन पहले प्रशासनिक कार्रवाई क्यों की गई?

उनका आरोप है कि प्रशासनिक टीम और टाटा स्टील के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में विवादित स्थल पर कार्रवाई की गई और बुलडोजर चलाया गया। कार्रवाई के बाद मौके पर नाराजगी और विरोध का माहौल देखा गया।

अधिवक्ता ने पूछा—किस आदेश के तहत हुई कार्रवाई?

विरोध कर रहे पक्ष के अधिवक्ता ने कार्रवाई के कानूनी आधार पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि यदि मामला न्यायालय में विचाराधीन है, तो प्रशासन को यह स्पष्ट करना चाहिए कि किस न्यायालयी आदेश, प्रशासनिक आदेश अथवा कानूनी प्रावधान के तहत बुधवार को कार्रवाई की गई।

अधिवक्ता ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि कार्रवाई के दौरान न्यायालय के आदेश या निर्धारित कानूनी प्रक्रिया का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित स्तर पर कानूनी कदम उठाया जाएगा। जरूरत पड़ने पर हाईकोर्ट और आगे सुप्रीम कोर्ट तक मामला ले जाने की बात भी कही गई है।

पुराने एसडीओ-डीसी के आदेशों का भी दिया हवाला

विरोध कर रहे पक्ष ने पूर्व में एसडीओ और डीसी स्तर से जारी आदेशों का भी हवाला दिया है। उनका दावा है कि जमीन से संबंधित पूर्व मामलों में उनके पक्ष में आदेश पारित किए जा चुके हैं। ऐसे में उनका सवाल है कि बुधवार को हुई कार्रवाई आखिर किस आदेश के आधार पर की गई।

वहीं कार्रवाई में टाटा स्टील की भूमिका को लेकर भी संबंधित पक्ष ने आपत्ति जताई है। हालांकि जमीन के वास्तविक स्वामित्व, कब्जे और बुधवार को हुई कार्रवाई की वैधानिकता को लेकर अंतिम स्थिति राजस्व रिकॉर्ड, प्रशासनिक आदेशों और न्यायालय में लंबित दस्तावेजों से ही स्पष्ट होगी।

अब 20 अगस्त की सुनवाई पर टिकी नजर

विवादित जमीन पर कार्रवाई और उसके बाद उठे सवालों ने मामले को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। खास बात यह है कि कार्रवाई के कुछ ही दिन बाद मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को होनी है।

फिलहाल सवाल यही है कि जब मामला न्यायालय में लंबित है, तो सुनवाई से पहले विवादित जमीन पर बुलडोजर चलाने का प्रशासनिक और कानूनी आधार क्या था? कार्रवाई के दौरान किन आदेशों का पालन किया गया और प्रशासन के पास कार्रवाई के लिए कौन से दस्तावेज या आदेश मौजूद थे—इन सवालों के जवाब संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों के आधिकारिक पक्ष के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगे।

फतेह लाइव इस मामले में प्रशासन, टाटा स्टील और अन्य संबंधित पक्षों का आधिकारिक पक्ष सामने आने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित करेगा।

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर