“नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” के नारों से गूंजा सिंदरी, नुक्कड़ नाटक से बताया नशे का दुष्परिणाम
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
धनबाद के सिंदरी में नशे के खिलाफ जागरूकता का संदेश लेकर बुधवार को मदर टेरेसा स्कूल के छात्र-छात्राएं सड़क पर उतरे। विद्यालय की ओर से नशा मुक्ति अभियान के तहत प्रभात फेरी निकाली गई, जिसमें बच्चों के साथ शिक्षक-शिक्षिकाओं और विद्यालय प्रबंधन के सदस्यों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया।
प्रभात फेरी के दौरान बच्चों के हाथों में नशा विरोधी संदेश लिखी तख्तियां थीं। “नशा छोड़ो, जीवन जोड़ो” और “नशा मुक्त समाज, स्वस्थ समाज” जैसे नारों के जरिए विद्यार्थियों ने लोगों को नशे से दूर रहने का संदेश दिया।
नुक्कड़ नाटक ने खींचा लोगों का ध्यान
प्रभात फेरी के दौरान विद्यार्थियों ने नुक्कड़ नाटक के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। नाटक में दिखाया गया कि नशे की लत किस तरह व्यक्ति के स्वास्थ्य, शिक्षा, रोजगार और पारिवारिक जीवन को प्रभावित कर सकती है।
बच्चों ने लोगों से अपील की कि वे स्वयं नशे से दूर रहें और अपने आसपास के लोगों को भी नशे के खिलाफ जागरूक करें। विद्यार्थियों की प्रस्तुति ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया और स्थानीय लोगों ने उनके प्रयास की सराहना की।
अंबुज मंडल ने सुभाष जी पर किया माल्यार्पण
कार्यक्रम के दौरान अंबुज मंडल ने सुभाष जी के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इसके बाद विद्यार्थियों और शिक्षकों ने नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया।
शिक्षकों ने बताया बच्चों की भूमिका को अहम
कार्यक्रम में मदर टेरेसा स्कूल के प्रिंसिपल राधेश्याम प्रसाद, शिक्षक रूपक कुमार सहित विद्यालय के कई शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे। शिक्षकों ने विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए कहा कि नशा आज समाज के सामने गंभीर चुनौती है। इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने में बच्चों और युवाओं की भूमिका महत्वपूर्ण है।
उन्होंने अभिभावकों से भी बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखने और उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने के लिए सकारात्मक माहौल देने की अपील की।
विद्यालय प्रबंधन ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पुस्तकीय ज्ञान तक सीमित नहीं है। विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी और समाज के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना भी शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसी उद्देश्य से विद्यालय की ओर से समय-समय पर सामाजिक जागरूकता से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं।
प्रभात फेरी के समापन पर विद्यार्थियों और शिक्षकों ने नशामुक्त एवं स्वस्थ समाज के निर्माण का संकल्प लिया। कार्यक्रम ने जहां लोगों को नशे के खिलाफ जागरूक किया, वहीं बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को भी मजबूत किया।
















