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Jamshedpur Sadar Hospital : जमशेदपुर स्वास्थ्य विभाग में तबादलों के नाम पर बदले सिर्फ कमरे, कहीं मेहरबानी-कहीं ढाया सितम !

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खुर्रम अहमद और कुसुम का स्थानांतरण फर्स्ट फ्लोर से ग्राउंड फ्लोर पर, आकिब गये जुगसलाई CHC

एकाउंट्स की परीक्षा पास नहीं करने वाले LDC मो. इशाक को दी गयी सदर अस्पताल में बड़ी जिम्मेदारी

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

स्वास्थ्य विभाग में वित्तीय कार्यों में बढ़ती अनियमितता पर लगाम लगाने को लेकर स्वास्थ्य विभाग के सचिव संयुक्त द्वारा जारी आदेश को पलीता जमशेदपुर में उनके ही विभाग के सर्वेसर्वा सिविल सर्जन ने लगा दिया है. सिस्टम को दुरुस्त करने की नीयत से लेखा से जुड़े लिपिकों के तबादला करने का आदेश दिया गया था, लेकिन सिविल सर्जन जमशेदपुर की ओर से जारी तबादला सूची को लेकर हर ओर से भेदभाव के स्वर गूंजने लगे हैं. तबादलों की जद में आये लिपिकों का कहना है कि सिविल सर्जन ने अपनों पर पूरी मेहरबानी बरसायी है जबकि हम लोगों को तड़ीपार की सजा दी गयी है.  तबादला आदेश जारी होने के बाद से ही कई लिपिक सीधे स्वास्थ्य विभाग के आला अधिकारियों तक अपनी बात पहुंचाने में जुट गये हैं.

लिपिकों का आरोप है कि 25 साल से सिविल सर्जन कार्यालय में जमे खुर्रम अहमद को उसी कार्यालय में नीचे तल पर स्थित एसीएमओ ऑफिस में भेजा गया है. यानी सिर्फ कमरे बदले हैं. उन्हें सिविल सर्जन का करीबी माना जाता है. वहीं महिला लिपिक कुसुम का भी तबादला उसी तरह एक ही भवन में किया गया है, जबकि सिविल सर्जन ने लोअर डिवीजन क्लर्क मोहम्मद इशाक को सदर अस्पताल में यूडीसी के पद पर पदस्थापित कर अहम जिम्मेदारी सौंप दी है. कहा तो यहां तक जा रहा है कि जो जिम्मेदारी मो. इशाक को दी गयी है. वह उसके लिए मानक पर फिट ही नहीं बैठते, क्योंकि उन्होंने एकाउंट्स की परीक्षा तक पास नहीं की है. ऐसे कि सवाल यह उठाया जा रहा है कि आखिर किस मानक से उन्हें सदर अस्पताल का बड़ा बाबू बना दिया गया !

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वहीं दूसरी ओर सदर अस्पताल से आकिब अहमद को महज तीन किलोमीटर दूर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जुगसलाई में ही पदस्थापित कर दिया गया है. लिपिकों का आरोप है कि सिविल सर्जन ने तबादलों में चेहतों पर भरपूरा मेहरबानी बरसायी है. उन्हें घुमा-फिराकर शहर में और निकट केंद्रों पर ही पदस्थापित रखा गया है जबकि अन्य लोगों को पोटका से पटमदा, पटमदा से पोटका, चाकुलिया से डुमरिया और दूरस्त स्थानों पर भेजा गया है. लिपिकों में बड़ा आक्रोश चुनिंदा लोगों को सिविल कार्यालय में ही ऊपरी तल से नीचले तक पर पदस्थापित करने को लेकर है.

कहा जाता है कि कुसुम वरीय लिपिक है, लेकिन उनकी वरीयता को दरकिनार करे सिविल सर्जन ने अपने चहेते  मो. इशाक को सदर अस्पताल में अहम जिम्मेदारी सौंप दी है जबकि वह निम्न वर्गीय लिपिक की श्रेणी में आते हैं. ऐसे में मानक पर अनफिट होने के बावजूद वरीयता को दरकिनार कर यह पाेस्टिंग दी गयी है. लिपिकों के बीच तबादला सूची जारी होने के बाद गहरा आक्रोश है और मामले को स्वास्थ्य सचिव तक पहुंचाने की तैयारी चल रही है.

जमशेदपुर स्वास्थ्य विभाग में जारी तबादला सूची 

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