फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर वीमेंस कॉलेज के मनोविज्ञान विभाग की पूर्व अध्यक्ष एवं लोकप्रिय शिक्षाविद् डॉ. चंद्रप्रभा पाठक के निधन का समाचार शिक्षा जगत एवं सामाजिक क्षेत्र के लिए अत्यंत दुःखद है। लंबे समय से अस्वस्थ चल रहीं डॉ. पाठक ने 28 मई की प्रातः अंतिम सांस ली। उनका जन्म एवं प्रारंभिक शिक्षा-दीक्षा लौहनगरी जमशेदपुर में ही हुई थी। उनके पति दुर्गा दत्त पाठक, टाटा स्टील के वरिष्ठ पदाधिकारी के पद से सेवानिवृत्त होने के पश्चात जमशेदपुर में ही निवास कर रहे हैं।
डॉ. चंद्रप्रभा पाठक पटना विमेंस कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन, जमशेदपुर की संस्थापक अध्यक्ष एवं अत्यंत सक्रिय सदस्य थीं। अपनी कर्मनिष्ठा, दूरदर्शिता और संगठन क्षमता के बल पर उन्होंने इस संस्था को एक विशिष्ट पहचान दिलाई। उनके नेतृत्व में स्थापित यह संगठन आज भी समाज सेवा एवं महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है। पटना विमेंस कॉलेज की अनेक पूर्व छात्राओं को एक सूत्र में पिरोने का श्रेय उन्हें ही जाता है।
एसोसिएशन की सचिव डॉ. जूही समर्पिता ने कहा कि डॉ. चंद्रप्रभा पाठक सभी सदस्यों को स्नेह के अटूट बंधन में बांधे रखती थीं। मनोविज्ञान की विदुषी होने के साथ-साथ वे मानवीय संवेदनाओं को गहराई से समझती थीं और कभी किसी का मन नहीं दुखाती थीं।
एसोसिएशन की अध्यक्ष विद्या तिवारी ने श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि “चंद्रा दीदी की जगह कोई नहीं ले सकता। वे अपने सिद्धांतों और मूल्यों पर अडिग रहने वाली व्यक्तित्व थीं। जो संकल्प लेती थीं, उसे पूरा करके दिखाती थीं। उनके नेतृत्व में संस्था ने नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया।
आशा सिन्हा ने कहा कि “हम सभी उनके स्नेह और मार्गदर्शन के बंधन में बंधे हुए हैं। उनका जाना संस्था के लिए अपूरणीय क्षति है। रुबी सिन्हा ने स्मरण करते हुए कहा कि “यद्यपि चंद्रा दीदी हम सबसे वरिष्ठ थीं, किंतु पटना विमेंस कॉलेज से प्राप्त संस्कारों और मूल्यों ने हम सबको इस प्रकार जोड़े रखा कि पीढ़ियों का अंतर कभी महसूस ही नहीं हुआ। शिल्पी सिन्हा ने कहा कि “चंद्रा दी की विरासत और उनके आदर्शों को आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है।”
डॉ. चंद्रप्रभा पाठक अपने पीछे सेवा, स्नेह, नेतृत्व और मानवीय मूल्यों की समृद्ध विरासत छोड़ गई हैं। उनके निधन से शिक्षा जगत, सामाजिक क्षेत्र तथा पटना विमेंस कॉलेज एलुमनाई परिवार को गहरी क्षति पहुंची है.
शोक संतप्त परिवार में उनकी दो बेटियां और दो बहनें शुभ्रा द्विवेदी एवं श्रीमती विजया चतुर्वेदी भी हैं, जो स्वयं पटना विमेंस कॉलेज की पूर्व छात्राएं रही हैं। पटना विमेंस कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन, जमशेदपुर परिवार दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना करता है।बहनें श्रीमती शुभ्रा द्विवेदी एवं श्रीमती विजया चतुर्वेदी भी हैं, जो स्वयं पटना विमेंस कॉलेज की पूर्व छात्राएं रही हैं। पटना विमेंस कॉलेज एलुमनाई एसोसिएशन, जमशेदपुर परिवार दिवंगत आत्मा की शांति एवं शोकाकुल परिवार को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने हेतु ईश्वर से प्रार्थना करता है।




