Jamshedpur : 11 साल बाद भी नहीं बिछी पाइपलाइन, पानी कनेक्शन के नाम पर लिए गए 450 रुपये

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बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना शुरू कराने और रामनगर-लकड़िया बागान में पाइपलाइन बिछाने की मांग को लेकर महिलाओं ने किया डीसी कार्यालय का घेराव

विभाग ने 15 अगस्त से पहले 2000 घरों में जलापूर्ति शुरू करने का दिया आश्वासन

फतेह लाइव, रिपोर्टर. 

जमशेदपुर में बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना को शुरू कराने तथा रामनगर और लकड़िया बागान बस्ती में पाइपलाइन बिछाकर घर-घर शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को बड़ी संख्या में महिलाओं ने उपायुक्त कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शन का नेतृत्व बागबेड़ा महानगर विकास समिति के अध्यक्ष सुबोध झा ने किया।

सुबोध झा ने बताया कि वर्ष 2015-16 में पंचायत के मुखिया एवं संबंधित विभाग द्वारा रामनगर और लकड़िया बागान बस्ती के सैकड़ों घरों से पानी कनेक्शन देने के नाम पर प्रति परिवार 450 रुपये की राशि ली गई थी। लोगों को रसीद भी दी गई, लेकिन 10 से 11 वर्ष बीत जाने के बाद भी कई इलाकों में न तो पाइपलाइन बिछाई गई और न ही घरों तक पानी पहुंचा।

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लिए गए रूपये की रसीद

उन्होंने कहा कि बागबेड़ा ग्रामीण जलापूर्ति योजना के संबंध में लगातार समय दिया जा रहा है, लेकिन धरातल पर काम नहीं दिख रहा। कई बस्तियों में आज भी पाइपलाइन नहीं पहुंची है। प्रदर्शनकारियों ने उपायुक्त को सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षरयुक्त मांग पत्र, 450 रुपये की रसीदों की प्रतियां और आधार कार्ड की प्रतियां भी सौंपी।

मामले को सुनने के बाद उपायुक्त ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों को समाधान का निर्देश दिया। इसके बाद महिलाएं और समिति के सदस्य पेयजल एवं स्वच्छता विभाग कार्यालय पहुंचे। कार्यपालक अभियंता सुनील कुमार के रांची में बैठक में होने के कारण एसडीओ शिवकुमार दिनकर ने प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात की।

एसडीओ ने बताया कि जुलाई तक फिल्टर प्लांट तक पाइपलाइन बिछाने समेत आवश्यक कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने आश्वासन दिया कि 15 अगस्त से पहले एक टंकी से जलापूर्ति शुरू कर करीब 2000 घरों तक पानी पहुंचाने की व्यवस्था की जाएगी। वहीं, रामनगर और लकड़िया बागान बस्ती में ठेकेदार को बुलाकर नक्शे के आधार पर जुलाई के अंतिम सप्ताह तक पाइपलाइन बिछाने का कार्य पूरा कराने की बात कही गई।

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बस्ती के लोग वर्षों से पेयजल संकट झेल रहे हैं। सरकारी और निजी बोरिंग से पानी निकलना बंद हो गया है, जिसके कारण लोगों को 30 से 40 रुपये में पानी खरीदकर पीना पड़ रहा है। समिति ने चेतावनी दी कि 15 दिनों के भीतर ठोस कार्रवाई नहीं होने पर ग्रामीण उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

घेराव प्रदर्शन में पवित्रा पांडे, अंजू देवी, मंजू देवी, सरिता सिंह, रजनी तिवारी, कृष्ण सिंह, ललिता देवी, रितु शर्मा, सुमित्रा मिश्रा, पूनम चौधरी, निशि देवी, रिंकू सेन, पिंकू देवी, रीता देवी, शांति देवी, कुसुम सिंह, मीना चौधरी, आशा मिश्रा, अजय कुमार पांडे, बबीता देवी, रुक्मणी सिंह, डीके सिंह, राकेश चौधरी, सविता देवी, आरती कुमारी समेत सैकड़ों महिलाएं शामिल थीं।

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