फतेह लाइव, रिपोर्टर.
जमशेदपुर में बर्मामाइंस थाना क्षेत्र के एफसीआई गोदाम से सटे (सी-यार्ड) में रविवार देर रात अपराधियों ने शांति समिति के सदस्य आफताब आलम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर इलाके में दहशत फैला दी। हमलावरों ने आफताब को घेरकर करीब 11 राउंड गोलियां चलाईं। पुलिस को घटनास्थल से 11 खोखे बरामद हुए हैं। गंभीर रूप से घायल आफताब आलम को पहले टाटा मुख्य अस्पताल (टीएमएच) ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए कोलकाता के एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार आफताब आलम अपने साथियों अमजद, फिरोज समेत अन्य लोगों के साथ सी-यार्ड (बर्मामाइंस थाना क्षेत्र) में बैठे थे। इसी दौरान दो बाइक पर सवार होकर छह अपराधी पहुंचे। बदमाशों ने पहले अन्य लोगों को वहां से भाग जाने को कहा, फिर आफताब को दौड़ा-दौड़ाकर गोलियां मारीं। हमलावर तब तक फायरिंग करते रहे, जब तक वह जमीन पर नहीं गिर पड़े। इसके बाद सभी अपराधी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही सिटी डीएसपी के नेतृत्व में शहर के विभिन्न थानों की करीब 12 गाड़ियां क़ी पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे क्षेत्र की घेराबंदी कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए हैं तथा कुछ संदिग्धों के परिजनों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। आरपीएफ की टीम भी मौके पर थी। अब यार्ड को सुरक्षित जोन बनाने के विशेष पहल की जाएगी, ऐसी उम्मीद है।
नशा विरोधी अभियान से जुड़ रहा है मामला
घायल के परिजनों का आरोप है कि बर्मामाइंस थाना प्रभारी के आग्रह पर हाल ही में कैरेज कॉलोनी मुस्लिम बस्ती में नशे के खिलाफ जागरूकता रैली निकाली गई थी। उनका कहना है कि इसी अभियान से नाराज नशे के कारोबार से जुड़े लोगों ने आफताब पर जानलेवा हमला कराया। हालांकि पुलिस इस दावे की भी जांच कर रही है और अभी किसी निष्कर्ष पर नहीं पहुंची है।
दिन में भी हुआ था विवाद
स्थानीय लोगों के अनुसार रविवार दोपहर करीब 12:30 बजे भी सी-यार्ड क्षेत्र में पुलिस ने कुछ संदिग्ध युवकों को वहां से हटाया था। बताया जाता है कि एक आरपीएफ जवान द्वारा एक युवक को पकड़ने के बाद बदमाशों और पुलिस के बीच कहासुनी हुई थी। उस समय बस्ती की महिलाओं ने भी हंगामा किया था। देर रात उसी क्षेत्र में यह बड़ी वारदात हो गई।
अपराध का अड्डा बन चुका है सी-यार्ड
स्थानीय लोगों का आरोप है कि एफसीआई गोदाम से कंपनी क्षेत्र की ओर जाने वाला सी-यार्ड लंबे समय से असामाजिक तत्वों और नशे के कारोबारियों का सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है। आरोप है कि यहां ब्राउन शुगर समेत अन्य अवैध गतिविधियां खुलेआम संचालित होती हैं और कई बार पुलिस कार्रवाई के बावजूद अपराध पर पूरी तरह अंकुश नहीं लग पाया है।
सूत्रों का दावा है कि क्षेत्र में ब्राउन शुगर के अवैध कारोबार को लेकर विभिन्न आपराधिक गुट सक्रिय हैं और इसी वर्चस्व की लड़ाई में पहले भी फायरिंग की घटनाएं हो चुकी हैं। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि पुलिस ने नहीं की है। खैर बता दें की घटना क्षेत्र के आसपास बड़े पैमाने पर महुआ शराब की बिक्री होती है। स्थानीय थाना से यह इलाका बहुत करीब है जहां शराब बिकती है।
लोगों में भारी आक्रोश
घटना के बाद टीएमएच और बर्मामाइंस थाना परिसर में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। लोगों ने आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग करते हुए देर रात तक विरोध प्रदर्शन किया। पुलिस ने लोगों को कार्रवाई का भरोसा देते हुए पूरे मामले की जांच तेज कर दी है।
फतेह लाइव की अपील: इस मामले में पुलिस जांच जारी है। फायरिंग के पीछे नशा विरोधी अभियान, गैंगवार या कोई अन्य कारण है, इसका खुलासा जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है।
रेलकर्मी पर हुये हमले का मामला फिर चर्चा में
पिछले कुछ दिन पूर्व एक कैरेज विभाग के कर्मी पर जानलेवा हमला हुआ था। यह बर्मामाइंस थाना क्षेत्र का मामला था। जहां बड़े बड़े नेता और शराब का कारोबार विख्यात है। इस गोली चालन की घटना के बाद यह मामला फिर चर्चा में आ गया है। क्षेत्र में बड़े पैमाने पर अवैध कार्य संचालित होते हैं। रेल कर्मी जी केरकेट्टा फिलहाल सुरक्षित हैं, लेकिन अपराधों की वजह से बर्मामाइंस थाना इलाका सुरक्षित नहीं।
नोट : बर्मामाइंस में संचालित अवैध कार्यों की लिस्ट बहुत जल्द फ़तेह लाइव में देखें
















