फतेह लाइव, रिपोर्टर।
रांची रेल मंडल अंतर्गत लोहरदगा रेलवे स्टेशन पर नियमित जांच के दौरान आरपीएफ ने संदिग्ध परिस्थितियों में बैठे दो नाबालिग बालकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया। दोनों बच्चे भयभीत और घबराए हुए थे तथा उन्हें अपने घर वापस जाने का रास्ता भी ज्ञात नहीं था।
जानकारी के अनुसार, दिनांक 20 अगस्त 2026 को लोहरदगा रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 1 पर नियमित जांच के दौरान आरपीएफ कर्मियों की नजर दो नाबालिग बालकों पर पड़ी। संदिग्ध परिस्थिति में अकेले बैठे दोनों बच्चों से आरपीएफ जवानों ने संवेदनशीलता के साथ पूछताछ की और उनकी काउंसलिंग की।
पूछताछ एवं सत्यापन के दौरान एक बालक की पहचान बिपिन उरांव (10 वर्ष), पिता मंतोष उरांव, निवासी ग्राम सदम गम्हरिया, थाना बुढ़मू, जिला रांची के रूप में हुई। वहीं दूसरे बालक की पहचान विशाल भगत (11 वर्ष), पिता महाबीर भगत, निवासी ग्राम बखर, थाना नरकोपी, जिला रांची के रूप में की गई।
दोनों बालकों ने आरपीएफ को बताया कि वे अनजाने में लोहरदगा रेलवे स्टेशन पहुंच गए थे और उन्हें अपने घर वापस जाने का रास्ता नहीं मालूम था। इसके बाद आरपीएफ ने आवश्यक सत्यापन और उचित काउंसलिंग की प्रक्रिया पूरी की।
बच्चों की सुरक्षा एवं देखभाल सुनिश्चित करने के लिए दोनों नाबालिगों को 20 अगस्त 2026 को चाइल्ड हेल्पलाइन, लोहरदगा के सुपरवाइजर देव कुमार महतो को आगे की आवश्यक कार्रवाई के लिए सुरक्षित रूप से सुपुर्द कर दिया गया।
इस सफल रेस्क्यू अभियान में आरपीएफ पोस्ट लोहरदगा के एसआई सुदर्शन पिंग, एएसआई अभिषेक कुमार, स्टाफ अरुण कुमार, कल्पना कुमारी एवं डी.के. पासवान की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









































