परविंदर सिंह बोले—खनिज हमारा, अधिकार हमारा; दिल्ली की तानाशाही से झारखंड के हक पर डाका नहीं पड़ने देंगे
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी के अध्यक्ष परविंदर सिंह ने केंद्र सरकार के MMDR संशोधन विधेयक पर कड़ा प्रतिकार करते हुए आरोप लगाया है कि केंद्र सरकार विकास के नाम पर राज्यों के संवैधानिक, आर्थिक और प्राकृतिक अधिकारों को धीरे-धीरे अपने नियंत्रण में लेने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी झारखंड के अधिकार, आर्थिक स्वायत्तता तथा जल-जंगल-जमीन के सम्मान की लड़ाई पूरी मजबूती से लड़ती रहेगी।
परविंदर सिंह ने कहा कि झारखंड कोई सामान्य राज्य नहीं है। इस धरती ने देश को कोयला, लौह अयस्क, यूरेनियम सहित अनेक बहुमूल्य खनिज संपदाएं दी हैं। ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब खनिज झारखंड की धरती से निकल रहे हैं तो उस पर पहला अधिकार झारखंड की जनता और राज्य का होना चाहिए या फिर दिल्ली में बैठी केंद्र सरकार का?
उन्होंने आरोप लगाया कि MMDR संशोधन विधेयक में खनिज-युक्त भूमि के नियमन में केंद्र की भूमिका बढ़ाने तथा राज्यों के खनिज अधिकार और खनिज-युक्त भूमि पर लगाए जाने वाले अतिरिक्त कर अथवा सेस को केंद्रीय शर्तों से जोड़ने जैसे प्रावधान राज्यों की स्वायत्तता को प्रभावित कर सकते हैं। उन्होंने इसे झारखंड के हितों के खिलाफ बताते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसे किसी भी कदम का पुरजोर विरोध करेगी।
उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, “सबका साथ, सबका विकास का नारा आखिर सिर्फ भाषणों तक ही सीमित क्यों है? यदि राज्यों को अपने प्राकृतिक संसाधनों से जुड़े फैसलों में पर्याप्त अधिकार नहीं मिलेगा तो संविधान द्वारा स्थापित संघीय ढांचे का क्या अर्थ रह जाएगा?”
परविंदर सिंह ने कहा कि झारखंड के लिए खनिज केवल जमीन के नीचे दबा पत्थर या अयस्क नहीं है, बल्कि यही राज्य की आर्थिक व्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार है। खनिजों से प्राप्त राजस्व से स्कूल, अस्पताल, सड़क, रोजगार, जनकल्याण और गरीबों के विकास की योजनाएं संचालित होती हैं। ऐसे में झारखंड के संसाधनों से मिलने वाले अधिकार और राजस्व को कमजोर करना सीधे तौर पर राज्य की जनता के भविष्य के साथ खिलवाड़ होगा।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस विधेयक के संभावित वित्तीय प्रभाव को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष गंभीर आपत्ति दर्ज कराई है। कांग्रेस पार्टी का स्पष्ट मत है कि वह विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर राज्यों के अधिकारों का केंद्रीकरण किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता।
कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने मांग की कि झारखंड के खनिजों से होने वाले लाभ का बड़ा हिस्सा झारखंड की जनता, आदिवासी समाज, मजदूरों, किसानों और स्थानीय युवाओं के विकास पर खर्च किया जाना चाहिए। केंद्र सरकार को उन प्रावधानों पर पुनर्विचार करना चाहिए जो राज्यों की वित्तीय और प्रशासनिक स्वायत्तता तथा उनके अधिकारों को प्रभावित कर सकते हैं।
उन्होंने दो टूक कहा, “झारखंड की धरती हमारी है, झारखंड के संसाधन हमारे हैं और झारखंड की जनता के अधिकारों की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी है। दिल्ली की सत्ता झारखंड के जल-जंगल-जमीन और खनिज संपदा पर अपनी मनमानी थोपने की कोशिश करेगी तो कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक संघर्ष करेगी।”
परविंदर सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी हमेशा संविधान, संघीय ढांचे, सामाजिक न्याय और जनता के अधिकारों के लिए लड़ती आई है और आगे भी लड़ती रहेगी। उन्होंने झारखंडवासियों से एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करने की अपील करते हुए कहा—
“खनिज हमारा—अधिकार हमारा।
जल, जंगल, जमीन—झारखंड की पहचान है।
झारखंड के हक और संसाधनों को किसी कीमत पर बर्बाद या कमजोर नहीं होने देंगे।”









































