दुर्गा पूजा के दौरान घर लौटने और यात्रा करने वालों की बढ़ी भीड़, मुंबई रूट की कई ट्रेनों में भारी वेटिंग
दिल्ली, पुणे और बेंगलुरु जाने वाली ट्रेनों में भी कन्फर्म टिकट मुश्किल
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
दुर्गा पूजा को लेकर ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ अभी से दिखाई देने लगी है। 10 अक्टूबर 2026 से टाटानगर जंक्शन आने वाली प्रमुख ट्रेनों में सीटों की उपलब्धता तेजी से कम हो रही है। दिल्ली, मुंबई, अहमदाबाद, पुणे और बेंगलुरु जैसे प्रमुख शहरों से टाटानगर आने वाली कई ट्रेनों में स्लीपर से लेकर थर्ड एसी और सेकेंड एसी तक लंबी वेटिंग लिस्ट दर्ज की गई है।
मुंबई रूट पर सबसे ज्यादा दबाव
मुंबई से टाटानगर आने वाली ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस में स्लीपर और एसी कोचों में भारी वेटिंग है। गीतांजलि एक्सप्रेस, हावड़ा मेल और एलटीटी-शालीमार एक्सप्रेस में भी यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी हो सकती है। ज्ञानेश्वरी एक्सप्रेस की कुछ श्रेणियों में वेटिंग काफी आगे पहुंच चुकी है।
दिल्ली रूट की ट्रेनों में भी सीटों की कमी
नई दिल्ली और आनंद विहार से टाटानगर आने वाली बीबीएस तेजस राजधानी, पुरुषोत्तम एक्सप्रेस और कलिंग उत्कल एक्सप्रेस में भी दुर्गा पूजा यात्रा के लिए सीटों पर दबाव बढ़ गया है। कई श्रेणियों में वेटिंग शुरू हो चुकी है, जिससे अंतिम समय में टिकट बुक कराने वाले यात्रियों की मुश्किल बढ़ सकती है।
पुणे से आने वालों के लिए भी परेशानी
पुणे-टाटानगर रूट पर हावड़ा दुरंतो और आजाद हिंद एक्सप्रेस में भी एसी कोचों की सीटें तेजी से भर रही हैं। आजाद हिंद एक्सप्रेस की कई श्रेणियों में लंबी वेटिंग दर्ज है, जबकि दुरंतो एक्सप्रेस में भी एसी टिकट सीमित होते जा रहे हैं।
बेंगलुरु रूट पर भारी वेटिंग
बेंगलुरु से टाटानगर आने वाली एसएमवीबी-टाटा एक्सप्रेस और यशवंतपुर-टाटा एक्सप्रेस में भी यात्रियों की भारी भीड़ दिख रही है। दोनों ट्रेनों में स्लीपर और एसी कोचों में वेटिंग काफी बढ़ गई है।
रेल यात्रियों के लिए सलाह है कि दुर्गा पूजा के दौरान यात्रा की योजना बनाने वाले लोग जल्द से जल्द टिकट बुक कराएं। उपलब्धता और वेटिंग की स्थिति लगातार बदल सकती है। अंतिम समय में कन्फर्म टिकट मिलने की संभावना कम होने पर यात्रियों को वैकल्पिक ट्रेनों और यात्रा तिथियों पर भी नजर रखनी होगी।
प्रमुख प्रभावित रूट पर एक नजर
दिल्ली • मुंबई • पुणे • बेंगलुरु • अहमदाबाद रूट से टाटानगर आने वाली ट्रेनों में बढ़ रहा है दुर्गा पूजा का दबाव।









































