मारवाड़ी समाज और मारवाड़ी सम्मेलन की विभिन्न शाखाओं के सहयोग से निकली भव्य कावड़ यात्रा, ‘बोल बम’ और ‘हर-हर महादेव’ के जयघोष से गूंजा शहर
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में सावन के पावन अवसर पर रविवार को काशीडीह स्थित श्री श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर, मारवाड़ी समाज काशीडीह एवं पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन की विभिन्न शाखाओं के सहयोग से भव्य कावड़ यात्रा निकाली गई। यात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने उत्साह और भक्तिभाव के साथ भाग लिया। स्वर्णरेखा नदी से जल लेकर श्रद्धालु काशीडीह पहुंचे, महिलाओं, युवाओं और बच्चों की भी बड़ी भागीदारी रही।

कावड़ यात्रा के लिए श्रद्धालु स्वर्णरेखा नदी स्थित हाथीकोड़ा मंदिर के निकट एकत्रित हुए, जहां से उन्होंने पवित्र जल भरा। इसके बाद श्रद्धालु कावड़ लेकर पदयात्रा करते हुए काशीडीह स्थित श्री श्री नीलकंठेश्वर महादेव मंदिर पहुंचे। यहां भगवान भोलेनाथ और नीलकंठेश्वर महादेव का विधिवत जलाभिषेक किया गया।
यात्रा में महिलाओं, बच्चों, युवाओं और समाज के वरिष्ठजनों ने भी बड़ी संख्या में भागीदारी की। ‘बोल बम’, ‘हर-हर महादेव’ और ‘भोले बाबा की जय’ के जयघोष से पूरा वातावरण शिवमय और भक्तिमय हो उठा। कावड़ लेकर एक साथ आगे बढ़ते श्रद्धालुओं में जबरदस्त उत्साह और उमंग देखने को मिली।
कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री नीलकंठेश्वर हनुमान मंदिर कमेटी, मारवाड़ी समाज काशीडीह, पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन जमशेदपुर की विभिन्न शाखाओं, टाटानगर बासुकीनाथ मंडली (डीडीएम) के सुरेश हार्थनाथक एवं सदस्यगण, नागरिक सुरक्षा की टीम तथा जिला प्रशासन का महत्वपूर्ण योगदान रहा।
इस अवसर पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता अभय सिंह मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कावड़ यात्रियों का उत्साहवर्धन करते हुए सभी श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं।
कावड़ यात्रा में पूर्वी सिंहभूम जिला मारवाड़ी सम्मेलन के अध्यक्ष मुकेश मित्तल, महासचिव प्रदीप मिश्रा, झारखंड प्रांतीय मारवाड़ी सम्मेलन के उपाध्यक्ष नंदकिशोर अग्रवाल, संयुक्त महासचिव बिमल अग्रवाल सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों और मारवाड़ी समाज के पदाधिकारी, सदस्य तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। नारी शक्ति की भी यात्रा में उल्लेखनीय भागीदारी रही।
मंदिर पहुंचने के बाद श्रद्धालुओं ने भगवान नीलकंठेश्वर महादेव का पवित्र जल से जलाभिषेक किया। इसके पश्चात सामूहिक रूप से भोले बाबा की महाआरती की गई और श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद का वितरण किया गया।
आयोजकों ने कहा कि इस तरह के धार्मिक और सामाजिक आयोजन आध्यात्मिक चेतना के साथ-साथ प्रेम, सद्भाव, भाईचारे और सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं। कावड़ यात्रा ने भगवान शिव के प्रति श्रद्धालुओं की गहरी आस्था और समर्पण के साथ समाज की एकजुटता एवं संगठनात्मक शक्ति का भी संदेश दिया। सफल आयोजन पर आयोजकों ने सभी श्रद्धालुओं, सहयोगी संस्थाओं, प्रशासन और कार्यकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया।









































