बन्ना गुप्ता बोले—आस्था से जुड़े चढ़ावे में अनियमितता हुई तो हो निष्पक्ष जांच
दोषियों को मिले कठोर सजा; झारखंड के खनिज अधिकारों की लड़ाई तेज करने का ऐलान
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी एवं झारखंड प्रदेश कांग्रेस कमिटी के आह्वान पर राष्ट्रव्यापी आंदोलन के तहत पूर्वी सिंहभूम जिला कांग्रेस कमिटी ने उपायुक्त कार्यालय के समक्ष विशाल धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने कथित चढ़ावा अनियमितता मामले की निष्पक्ष जांच और खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक को लेकर केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध किया।

धरना-प्रदर्शन को संबोधित करते हुए झारखंड सरकार के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि अयोध्या श्रीराम मंदिर में देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े चढ़ावे—सोना, चांदी, हीरे-जवाहरात और दान की राशि—में यदि किसी भी स्तर पर हेराफेरी या अनियमितता हुई है तो यह केवल आर्थिक अपराध नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आस्था और भावनाओं के साथ गंभीर विश्वासघात है।

बन्ना गुप्ता ने कथित अनियमितताओं की निष्पक्ष, उच्चस्तरीय एवं समयबद्ध जांच की मांग करते हुए कहा कि जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाए, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसके खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि आस्था के नाम पर जनता से प्राप्त एक-एक रुपये और आभूषण का पारदर्शी हिसाब देश की जनता के सामने रखा जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि भाजपा एक ओर धर्म और आस्था की बात करती है, वहीं धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे की कथित लूट और हेराफेरी के आरोपों पर कार्रवाई नहीं होने से सवाल उठते हैं। भगवान श्रीराम के नाम पर श्रद्धालुओं की मेहनत की कमाई और आस्था के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा।
MMDR संशोधन से झारखंड के अधिकार कमजोर करने का आरोप
एमएमडीआर संशोधन विधेयक के मुद्दे पर बन्ना गुप्ता ने कहा कि केंद्र सरकार कानून में बदलाव कर झारखंड के संवैधानिक और आर्थिक अधिकारों को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड देश के प्रमुख खनिज संपदा वाले राज्यों में शामिल है और यहां कोयला, लौह अयस्क, तांबा, यूरेनियम, बॉक्साइट तथा अन्य महत्वपूर्ण खनिज प्रचुर मात्रा में उपलब्ध हैं। इन प्राकृतिक संसाधनों से मिलने वाला राजस्व राज्य की अर्थव्यवस्था और विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने आरोप लगाया कि एमएमडीआर संशोधन के माध्यम से राज्यों के अधिकारों और संघीय ढांचे को कमजोर करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि झारखंड की धरती से निकलने वाले संसाधनों पर झारखंड के हितों की अनदेखी कर कोई फैसला स्वीकार नहीं किया जाएगा।
बन्ना गुप्ता ने कहा कि जल, जंगल और जमीन झारखंड की पहचान हैं और इनके अधिकारों की रक्षा के लिए कांग्रेस निर्णायक संघर्ष करेगी। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई केवल किसी राजनीतिक दल की नहीं, बल्कि झारखंड के अधिकार, संसाधन, सम्मान और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य की लड़ाई है। कांग्रेस कार्यकर्ता गांव-गांव और पंचायत-पंचायत तक पहुंचकर एमएमडीआर संशोधन के प्रावधानों और उसके संभावित प्रभावों की जानकारी जनता को देंगे।
सुधा गुप्ता ने दोषियों और मास्टरमाइंड पर कार्रवाई की मांग की
जमशेदपुर की मेयर सुधा गुप्ता ने कहा कि कथित चढ़ावा चोरी के मामले में दोषियों के साथ-साथ इसके पीछे के बड़े मास्टरमाइंड पर भी कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार की जनविरोधी और राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने वाली नीतियों के खिलाफ झारखंड की जनता एकजुट होगी और अधिकारों की इस लड़ाई में कांग्रेस पीछे हटने वाली नहीं है।
7 सितंबर को रांची में महाधरना
जिलाध्यक्ष परविंदर सिंह ने कहा कि चढ़ावा चोरी और एमएमडीआर संशोधन विधेयक के जरिए झारखंड के अधिकारों को प्रभावित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि आगामी 7 सितंबर को रांची के लोकभवन (राजभवन) के समक्ष आयोजित महाधरना में राज्यस्तरीय कांग्रेस नेता शामिल होंगे।
जिला प्रभारी शशिभूषण राय ने केंद्र सरकार पर जनता पर लगातार करों का बोझ बढ़ाने और राज्यों के अधिकारों को कमजोर करने का आरोप लगाया। उन्होंने लोगों से आगामी चुनावों में भाजपा सरकार के खिलाफ एकजुट होने की अपील की।
कार्यकारी अध्यक्ष अवधेश सिंह ने कहा कि चंदा चोरी और चढ़ावा चोरी के आरोपों ने धार्मिक आस्था को आहत किया है और मामले में शामिल सभी बड़े किरदारों की पहचान कर कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के संरक्षण में मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है।
कार्यक्रम का संचालन कांग्रेस के उपाध्यक्ष (संगठन) संजय सिंह आजाद ने किया। धरना-प्रदर्शन के बाद कांग्रेस के एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राष्ट्रपति के नाम संबोधित मांग पत्र उपायुक्त के माध्यम से सौंपा।
धरना को रामाश्रय प्रसाद, रियाजुद्दीन खान, नीरज भोक्ता, राकेश तिवारी, विजय खान, ब्रजेंद्र तिवारी, संजीव श्रीवास्तव, प्रताप यादव, मनोज झा, ओमप्रकाश सिंह, रईस रिजवी, राजकिशोर यादव, सुबोध सिंह सरदार, रजनीश सिंह, जयराम हांसदा, खगेनचंद्र महतो और डॉ. परितोष सिंह समेत अन्य नेताओं ने भी संबोधित किया। वक्ताओं ने कथित चढ़ावा लूट और खनिज अधिकारों के मुद्दे पर केंद्र सरकार की नीतियों की आलोचना की।
धरना-प्रदर्शन में सोहेल खान, योगेंद्र सिंह यादव, किशनलाल महतो, शंकर दत्ता, ज्योति मिश्र, अतुल गुप्ता, राजा सिंह राजपूत, नवनीत मिश्र, कमलेश कुमार, आशुतोष सिंह, अमरजीत नाथ मिश्र, कौशल प्रधान, गुरदीप सिंह, सुखदेव सिंह मल्ली, आशीष ठाकुर, ईश्वर कुमार सिंह, राजेश चौधरी, मकसूद आलम, अंसार खान, अपर्णा गुहा, गुरदीप सिंह सोहल, राजीव मिश्र, शिखा चौधरी, रेनु मिश्र, बबलू नौशाद, तनवीर खान, शाहिद इकबाल, शमशेर आलम, राजनारायण यादव, रंजीत झा, रंजीत सिंह, संजय तिवारी, अमित श्रीवास्तव, राकेश साहू, प्रभात ठाकुर, जीएम रजा, ईसान पात्रा, अजय मिश्रा, नवल किशोर सिंह, संदीप मिश्र, शबाना परवीन, जवाहरलाल, फरहत बेगम, सुल्तान अहमद, सुनील प्रसाद, फिरोज खान, शिवनंदन सिंह, अशोक सिंह क्रांतिकारी, उदय कुमार सिंह, अली राजा खान, दीपक यादव, प्रितपाल सिंह, देवाशीष घोष, विजय पांडेय, अनिरुद्ध पुरी, रूबी ठाकुर, नरेश गौड़, सुभाष उपाध्याय, जेएस पादरी, रीता शर्मा, शिल्पी चक्रवर्ती, कंचन कुमारी, रविशंकर, अभिषेक मोहंती, सानिया दीप, नमिता सिंह, राजकुमार वर्मा, सुनीता मुखी, सुदर्शन तिवारी, राजकिशोर प्रसाद, मनोज महतो, लकी शर्मा, राजकुमार दास, केपी रवि, सूरज मुंडा, नारायण दे, सुभाष पाल, पंकज कुमार, पवन ओझा, मुन्ना मिश्रा, भवनाथ सिंह, सौरभ झा, अरुण कुमार सिंह, रणजीत सिंह, दुर्गा प्रसाद सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे।



































