बरवाअड्डा थाना प्रभारी से कथित दुर्व्यवहार और हिरासत में लिए गए आरोपी को छुड़ाने के प्रयास का मामला, अग्रिम जमानत के आदेश पर विधायक ने किया आत्मसमर्पण
फतेह लाइव, रिपाेर्टर।
झारखंड के डुमरी विधायक जयराम कुमार महतो ने बुधवार को धनबाद की एमपी-एमएलए कोर्ट में आत्मसमर्पण कर बंध-पत्र दाखिल किया। बरवाअड्डा थाना प्रभारी से कथित दुर्व्यवहार और पुलिस हिरासत में रखे गए आरोपी को छुड़ाने के प्रयास से जुड़े मामले में उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत से मिली अग्रिम जमानत के आदेश के अनुपालन में सरेंडर किया।
एमपी-एमएलए कोर्ट की विशेष न्यायिक दंडाधिकारी अर्पिता नारायण की अदालत ने बंध-पत्र स्वीकार करते हुए जयराम महतो को जमानत पर मुक्त करने का निर्देश दिया। अग्रिम जमानत के आदेश के तहत जयराम महतो समेत चार आरोपियों को 20-20 हजार रुपये के जमानत बांड और इतनी ही राशि के दो-दो जमानतदार प्रस्तुत करने थे।
जमानत के साथ लगीं कई शर्तें
अदालत ने जमानत देते हुए आरोपियों को जांच में सहयोग करने और पुलिस द्वारा पूछताछ के लिए बुलाए जाने पर उपस्थित होने का निर्देश दिया है। बंध-पत्र में यह भी कहा गया है कि वे मामले के तथ्यों से परिचित किसी व्यक्ति को धमकी, प्रलोभन या किसी वादे के जरिए अदालत अथवा पुलिस के समक्ष जानकारी देने से नहीं रोकेंगे।
इसके अलावा अदालत की अनुमति के बिना भारत से बाहर नहीं जाने, आरोप तय होने तक प्रत्येक तारीख पर व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित रहने और मुकदमे की अवधि में अदालत की अनुमति के बिना मोबाइल नंबर नहीं बदलने की शर्त भी रखी गई है।
क्या था बरवाअड्डा थाने का पूरा मामला?
मामला 22 अगस्त का है। पुलिस एक कांड के आरोपी गणेश दास को बरवाअड्डा थाने लेकर आई थी। पुलिस के अनुसार, इसी के विरोध में जयराम महतो ने थाना प्रभारी को व्हाट्सऐप ऑडियो कॉल किया और कथित तौर पर गाली-गलौज की।
आरोप है कि इसके बाद जयराम महतो रात में अपने समर्थकों के साथ बरवाअड्डा थाना पहुंचे। पुलिस का दावा है कि थाना परिसर में पुलिसकर्मियों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और हिरासत में लिए गए गणेश दास को छुड़ाने का प्रयास किया गया।
इस मामले में बरवाअड्डा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। अब अग्रिम जमानत के आदेश के बाद विधायक ने अदालत में सरेंडर कर कानूनी प्रक्रिया पूरी की है।




































