सीजीपीसी ने जारी किए निर्देश, ग्रंथी सिंह की उपस्थिति और परिवार के पांच सदस्यों की मौजूदगी अनिवार्य
गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व व शहीदी समागम के नगर कीर्तन की तैयारियों पर भी मुहर
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
जमशेदपुर में सिख धार्मिक मर्यादा का पालन सुनिश्चित करने, गुरुद्वारों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने और आगामी धार्मिक आयोजनों को व्यवस्थित रूप देने के लिए सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (सीजीपीसी) ने महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं। मंगलवार, 27 अक्टूबर को प्रधान भगवान सिंह के नेतृत्व में सीजीपीसी कार्यालय में आयोजित बैठक में स्त्री सत्संग सभाओं के दौरान श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को ले जाने और वापस लाने की व्यवस्था के लिए नए निर्देश जारी किए गए। वहीं, श्री गुरु नानक देव जी के प्रकाश पर्व पर 24 नवंबर को सोनारी गुरुद्वारा साहिब से नगर कीर्तन निकालने और शहीदी दिवसों को समर्पित 20 दिसंबर के नगर कीर्तन की तैयारियों पर भी चर्चा हुई।

बैठक की शुरुआत अकाली दल के सुखदेव सिंह खालसा द्वारा अरदास से हुई। धर्म प्रचार कमेटी एवं अकाली दल के प्रधान रविंदर सिंह के प्रस्ताव पर धार्मिक मर्यादा से संबंधित नियमों पर निर्णय लिए गए। सीजीपीसी ने संबंधित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों, स्त्री सत्संग सभाओं, ग्रंथी सिंहों और सत्संग आयोजित करने वाले परिवारों को निर्धारित निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की जिम्मेदारी दी है।
सत्संग में ग्रंथी सिंह की मौजूदगी अनिवार्य
सीजीपीसी के निर्देश के अनुसार, स्त्री सत्संग सभा की ओर से घरों में सत्संग के लिए श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के पावन स्वरूप को ले जाने और वापस लाने के दौरान ग्रंथी सिंह की उपस्थिति अनिवार्य होगी। पावन स्वरूप को उचित धार्मिक मर्यादा, सम्मान और आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ ले जाया जाएगा।

अरदास और हुकमनामा की सेवा ग्रंथी सिंह निभाएंगे। जिस परिवार में सत्संग आयोजित होगा, उसकी ओर से कम से कम पांच सदस्यों की उपस्थिति आवश्यक होगी। सत्संग के दौरान पावन स्वरूप की सेवा-संभाल, सुरक्षा और सम्मान की जिम्मेदारी स्त्री सत्संग सभा तथा संबंधित ग्रंथी सिंह संयुक्त रूप से निभाएंगे।
सीजीपीसी ने स्पष्ट किया है कि सत्संग की समाप्ति के बाद भी पावन स्वरूप को पूरे सम्मान और धार्मिक मर्यादा के साथ गुरुद्वारा साहिब वापस पहुंचाने की व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी।
गुरुद्वारा कमेटी को विश्वास में लेकर ही हों धार्मिक आयोजन
बैठक में यह निर्णय भी लिया गया कि किसी भी संस्था की ओर से किसी गुरुद्वारा साहिब में धार्मिक समागम आयोजित करने से पहले संबंधित गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को विश्वास में लेना आवश्यक होगा। इसका उद्देश्य धार्मिक आयोजनों में आपसी समन्वय, अनुशासन और व्यवस्थागत स्पष्टता बनाए रखना है।
24 नवंबर को सोनारी से निकलेगा नगर कीर्तन
श्री गुरु नानक देव जी के पावन प्रकाश पर्व पर 24 नवंबर को सुबह 10:30 बजे सोनारी गुरुद्वारा साहिब से भव्य नगर कीर्तन निकाला जाएगा। निर्धारित मार्ग के अनुसार नगर कीर्तन एयरपोर्ट रोड, डीसी बंगला के सामने और कीनन स्टेडियम रोड होते हुए साकची बड़ा गोलचक्कर पहुंचेगा। इसके बाद नगर कीर्तन शाम पांच बजे साकची गुरुद्वारा साहिब में संपन्न होगा।सीजीपीसी की ओर से आयोजित केंद्रीय दीवान 26 नवंबर को साकची गुरुद्वारा साहिब में सजाया जाएगा।
नगर कीर्तन में शामिल होने वाली गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटियों के स्कूल और स्त्री सत्संग सभाओं का क्रम निर्धारित किया गया है। गुरुद्वारा स्कूलों में सबसे आगे कीताडीह, बारीडीह, मनीफिट, बर्मामाइंस, सोनारी, सुंदरनगर, स्टेशन रोड, नामदा बस्ती, टिनप्लेट, सरजामदा, बिष्टुपुर, साकची, रिफ्यूजी कॉलोनी, टेल्को, बिरसानगर, गौरीशंकर रोड जुगसलाई, मानगो और टुइलाडुंगरी शामिल हैं।
वहीं, स्त्री सत्संग सभाओं के जत्थों की सूची में आनंद विहार, गौरीशंकर रोड जुगसलाई, बारीडीह, होम पाइप, सीतारामडेरा, दशमेश कीर्तनी जत्था, रिफ्यूजी कॉलोनी, बिष्टुपुर, रामदास भट्टा, शिव सिंह बागान, मनीफिट, तार कंपनी, कदमा, बिरसानगर, टेल्को, साकची, सोनारी, संत कुटिया मानगो, टिनप्लेट, स्टेशन रोड, सुंदरनगर, बागबेड़ा, सरजामदा, गम्हरिया, प्रकाश नगर टेल्को, कीताडीह, बर्मामाइंस, जेम्को आजाद बस्ती, टुइलाडुंगरी, नामदा बस्ती, मानगो और गोलपहाड़ी सहित अन्य सभाएं शामिल हैं। सभी संबंधित इकाइयों से निर्धारित क्रम के अनुसार भागीदारी सुनिश्चित करने की अपील की गई है।
20 दिसंबर को शहीदी समागम को समर्पित नगर कीर्तन
गुरु तेग बहादुर साहिब जी, माता गुजरी जी और चारों साहिबजादों सहित अन्य शहीदों की स्मृति को समर्पित विशाल नगर कीर्तन 20 दिसंबर को निकाला जाएगा। यह सुबह आठ बजे सीजीपीसी कार्यालय से रवाना होगा और निर्धारित मार्ग से होते हुए दोपहर 12:30 बजे चाईबासा गुरुद्वारा साहिब पहुंचेगा। वहां चाईबासा गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की ओर से गुरु का अटूट लंगर आयोजित किया जाएगा।
इस नगर कीर्तन में श्रद्धालु अपनी चारपहिया गाड़ियों के साथ भी भाग ले सकेंगे। सीजीपीसी की ओर से सिख संगत से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की गई है।
बैठक में ये पदाधिकारी रहे मौजूद
बैठक में सीजीपीसी प्रधान भगवान सिंह, चेयरमैन सरदार शैलेंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुजीत सिंह खुशीपुर, सुखविंदर सिंह राजू, चंचल सिंह, हरविंदर सिंह मंटू, जोगिंदर सिंह जोगी, परमजीत सिंह रोशन, महासचिव अमरजीत सिंह, कोषाध्यक्ष गुरनाम सिंह, मुख्य सलाहकार परविंदर सिंह सोहल, कुलविंदर सिंह पन्नू, अजीत सिंह गंभीर, सुखदेव सिंह बिट्टू, सरबजीत सिंह ग्रेवाल समेत विभिन्न गुरुद्वारा कमेटियों के पदाधिकारी और प्रतिनिधि उपस्थित थे।
बैठक का संचालन अमरजीत सिंह ने किया। धन्यवाद ज्ञापन चंचल सिंह ने दिया, जबकि सोनारी गुरुद्वारा के प्रधान बलबीर सिंह भी बैठक में मौजूद रहे। फ़तेह लाइव इन नियमों के लागू किये जाने पर प्रशंसा जाहिर करता है, लेकिन इसका अनुपालन सभी जगह सुनिश्चित हो, इस पर पहरा देने के लिए एक विशेष कमेटी बनाने का भी आग्रह सिख नेताओं से करता है, तांकि सिख मर्यादा कायम रहे।


































