Breaking News
Punjab Legal Wing : ਸੋਸ਼ਲ ਮੀਡੀਆ ‘ਤੇ ਸਿੱਖ ਧਰਮ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਇਤਰਾਜ਼ਯੋਗ ਟਿੱਪਣੀਆਂ ਕਰਨ ਵਾਲਿਆਂ ਖ਼ਿਲਾਫ਼ ਪੁਲਿਸ ਦੀ ਕਾਰਵਾਈ ਸ਼ੁਰੂ: ਐਡਵੋਕੇਟ ਜੀਐਸ. ਸਾਹਨੀ Delhi politics : ਈ-20 ਪੈਟਰੋਲ ਦੇ ਵਿਰੋਧ ‘ਚ ਕੇਜਰੀਵਾਲ ਦਾ ਪੀਐਮ ਆਵਾਸ ਵੱਲ ਮਾਰਚ ਰੋਕਿਆ, ਪੁਲਿਸ ਦੇ ਭਰੋਸੇ ਮਗਰੋਂ ਧਰਨਾ ਸਮਾਪਤ Delhi/Jharkhand : ਗੁਰਦੁਆਰਾ ਬੰਗਲਾ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਰਸੋਈ ਨਵੀਂਆਂ ਮਸ਼ੀਨਾਂ ਲਾਉਣ ਵਾਸਤੇ ਸਲੂਜਾ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਇੱਕ ਕਰੋੜ ਰੁਪਏ ਦਾ ਯੋਗਦਾਨ Patna Saheb : ਕੇਂਦਰੀ ਮੰਤਰੀ ਸਰਦਾਰ ਹਰਦੀਪ ਸਿੰਘ ਪੁਰੀ ਦੇ ਪਰਿਵਾਰ ਵੱਲੋਂ ਤਖ਼ਤ ਸ੍ਰੀ ਹਰਿਮੰਦਰ ਜੀ ਪਟਨਾ ਸਾਹਿਬ ਲਈ ਪਾਲਕੀ ਸਾਹਿਬ ਦੀ ਸੇਵਾ ਭੇਟ Dhanbad : दिशोम गुरु शिबू सोरेन की पहली पुण्यतिथि पर झारखंड आंदोलनकारी मोर्चा ने दी श्रद्धांजलि, आंदोलनकारियों के सम्मान की उठाई मांग Jamshedpur : झारखंड आंदोलन के महानायक ‘दिशोम गुरु’ शिबू सोरेन को जेएमएम नेत्री चरणजीत कौर भाटिया ने दी श्रद्धांजलि

Jamshedpur : दिखावा क्यों, सोखी को प्रधान बना दें : भगवान सिंह

SHARE:

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

बारीडीह गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान कुलविंदर सिंह ने सेंट्रल गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान सरदार भगवान सिंह को चुनावी प्रक्रिया का दिखावा करने की बजाय सीधे सरदार अवतार सिंह सोखी को प्रधान बना देने की सलाह दी है। कुलविंदर सिंह के अनुसार पहले दिन से ही वे सोखी के समर्थन में थे। कुलदीप सिंह ने खुद को प्रधान घोषित किया तो बेचैन हो गए और फटाफट आमसभा बुला ली और चुनावी प्रक्रिया पूरी करने का दंभ भर रहे हैं। आज सत्ता और सरकार उनके साथ है परंतु हर दिन ऐसी स्थिति नहीं रहती है। वे सत्ता के नशे में चूर है और मनमानी कर रहे हैं।

यह भी पढ़े : Jamshedpur : मानगो दरभंगा डायरी में 2.5 लाख की चोरी, छत के रास्ते घुसे थे चोर, देखे – video

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

कुलविंदर सिंह के अनुसार उनका कार्यकाल 2025 तक है और उन्होंने माना भी है। यदि वे अवतार सिंह सोखी और कुलदीप सिंह गिल के कदम को गलत मानते थे तो बारीडीह में संगत के समक्ष उन दोनों को उम्मीदवार क्यों मान लिया। जबकि नियम तोड़ने वाले के खिलाफ तो कार्रवाई होनी चाहिए थी इन दोनों को प्रत्याशी मान उन्होंने पुरस्कृत कर दिया।

वास्तव में भगवान सिंह कमेटी गठन के पहले दिन से ही मेरे खिलाफ नाराज है क्योंकि सरदार शैलेंद्र सिंह द्वारा प्रस्तावित ऑडिटर के नाम का विरोध किया था। उनकी आंख का किरकिरी बन गया था इसीलिए तो दिसंबर 2022 को मैं कोलकाता में था तो वह पूरे दलबल के साथ बारीडीह गुरुद्वारा पहुंच गए थे और मेरे विरोधी धड़े की पीठ थपथपा दी थी। यहां मैं सवाल उठाता हूं कि यदि कोई दो ग्रुप खुद को सीजीपीसी का प्रधान बना लेते हैं तो क्या वह सीजीपीसी को भंग कर चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेंगे। जैसा उन्होंने बारीडीह के मामले में किया है।

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर