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Jamshedpur : टाटानगर रेलवे अतिक्रमण मामले में प्रशासन की पहल, वैकल्पिक व्यवस्था की मांग

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  • स्टेशन के बस्ती निवासियों के लिए प्रशासन सक्रिय, रेलवे की नोटिस पर उठाए कदम

फतेह लाइव, रिपोर्टर

जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन के पास स्थित रेलवे की भूमि पर अतिक्रमण कर रह रहे 431 परिवारों को रेलवे द्वारा नोटिस भेजकर 31 जनवरी तक अवैध निर्माण हटाने का आदेश दिया गया था. यह खबर बस्ती में हड़कंप मचा दी और परिवारों में चिंता का माहौल बना. इस नोटिस ने इन परिवारों की मुश्किलें बढ़ा दी थीं, क्योंकि इनका जीवन यहां कई दशकों से स्थापित है. बस्ती के लोग, जिनमें अधिकांश महिलाएं थीं, जिला परिषद अध्यक्ष बारी मुर्मू और उपाध्यक्ष पंकज सिंह के नेतृत्व में उपायुक्त अनन्य मित्तल से मिलने पहुंचे. उन्होंने उपायुक्त से अपील की कि इन परिवारों को बेघर न किया जाए और उनके लिए एक वैकल्पिक व्यवस्था की जाए.

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पंकज सिन्हा ने कहा कि पिछले 70 वर्षों से ये लोग यहां रह रहे हैं और इस वक्त स्कूलों में परीक्षाएं चल रही हैं, ऐसे में इन परिवारों को घर खाली करने के लिए कह देना न सिर्फ असंवेदनशील है, बल्कि यह उनके जीवन पर गहरा असर डाल सकता है. बस्तीवासियों की मांग थी कि रेलवे और बिहार सरकार के तहत कुछ जमीन खाली पड़ी है, जहां इन परिवारों को पुनर्वासित किया जा सकता है. उपायुक्त अनन्य मित्तल ने इस मामले को गंभीरता से लिया और एसडीओ के नेतृत्व में एक टीम गठित की, जो रेलवे अधिकारियों से बैठक कर वैकल्पिक व्यवस्था पर चर्चा करेगी. यह घटना प्रशासन के लिए एक चुनौती बनी हुई है, लेकिन प्रशासनिक टीम ने इस संवेदनशील मुद्दे पर उचित समाधान ढूंढ़ने का संकल्प लिया है. अब देखना यह होगा कि क्या प्रशासन इन परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने में सक्षम होता है या नहीं.

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