न्यूनतम वेतन, जोखिम एवं कठिनाई भत्ता, ट्रैक मेंटेनर्स के वेतनमान और तकनीकी कर्मचारियों की पदोन्नति पर दिया जोर
फतेह लाइव, रिपोर्टर।
नई दिल्ली में 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के समक्ष ऑल इंडिया रेलवेमेंस फेडरेशन (AIRF) ने रेलवे कर्मचारियों की विभिन्न समस्याओं, वेतनमान, भत्तों एवं सेवा शर्तों से जुड़ी मांगों को मजबूती से उठाया। आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में AIRF के प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों, जोखिम, तकनीकी जिम्मेदारियों और कठिन ड्यूटी को ध्यान में रखते हुए बेहतर वेतनमान एवं विशेष भत्ते देने की मांग की।

बैठक में आयोग के सदस्य प्रोफेसर पुलक घोष एवं सदस्य सचिव पंकज जैन भी उपस्थित रहे। AIRF प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व महासचिव कॉमरेड शिव गोपाल मिश्रा ने किया। आयोग ने चर्चा के लिए सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक दो घंटे का समय निर्धारित किया था।
रेलवे की विशिष्ट कार्यप्रणाली के अनुरूप वेतनमान की मांग
AIRF ने आयोग को बताया कि भारतीय रेलवे की कार्यप्रणाली अन्य केंद्रीय सरकारी विभागों से अलग है। रेलवे कर्मचारी सभी प्रकार की मौसमी, भौगोलिक एवं पर्यावरणीय परिस्थितियों में 24 घंटे और सप्ताह के सातों दिन सेवाएं देते हैं।

प्राकृतिक आपदाओं और महामारी जैसी प्रतिकूल परिस्थितियों में रेलवे कर्मचारियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। फेडरेशन ने भारतीय रेलवे को देश की दूसरी रक्षा पंक्ति के रूप में मान्यता देने पर जोर देते हुए कहा कि रेलवे के तेजी से हो रहे आधुनिकीकरण और कर्मचारियों की बढ़ती जिम्मेदारियों के अनुरूप उनके वेतनमान का निर्धारण किया जाना चाहिए।
सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए विशेष भत्ते
रेलवे कर्मचारियों के कार्य में जोखिम, गंभीर चोटों की आशंका और कठिन परिस्थितियों को देखते हुए AIRF ने सभी श्रेणियों के कर्मचारियों के लिए जोखिम एवं कठिनाई भत्ता, खतरनाक ड्यूटी भत्ता, पहाड़ी क्षेत्र भत्ता तथा वर्दी एवं पोशाक भत्ता प्रदान करने की मांग की।
फेडरेशन का कहना है कि रेलवे में कार्यरत कर्मचारियों की विभिन्न श्रेणियों को उनकी जिम्मेदारियों और कार्य परिस्थितियों के अनुरूप इन सुविधाओं का लाभ मिलना चाहिए।
लोको पायलट और रनिंग स्टाफ की समस्याएं उठाईं
बैठक के दौरान लोको एवं ट्रैफिक रनिंग स्टाफ की समस्याओं को पावरपॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से आयोग के समक्ष रखा गया। इस विषय को कॉमरेड पी. गणेशन (SRMU) ने प्रस्तुत किया। संबंधित श्रेणियों के प्रतिनिधियों ने भी अपनी समस्याओं एवं मांगों से आयोग को अवगत कराया।
ट्रैक मेंटेनर्स को तकनीकी कर्मचारियों के समान वेतनमान देने की मांग
रेलवे के इंजीनियरिंग विभाग में कार्यरत ट्रैक मेंटेनर्स एवं P-Way सपोर्ट कैडर की समस्याओं पर भी विस्तार से चर्चा हुई। कॉमरेड मनीष द्विवेदी (NRMU/NR) एवं कॉमरेड ब्रजपाल सिंह (NCRMU) ने प्रस्तुति के माध्यम से इन कर्मचारियों की कठिनाइयों को आयोग के सामने रखा।
AIRF ने कहा कि ट्रैक मेंटेनर्स का कार्य अत्यंत कठिन, श्रमसाध्य एवं जोखिमपूर्ण है। रेलवे ट्रैक के निर्माण और तकनीकी आवश्यकताओं में लगातार बदलाव के कारण अब इस कार्य में उच्च तकनीकी ज्ञान एवं विशेष कौशल की जरूरत बढ़ गई है।
फेडरेशन ने ट्रैक मेंटेनर्स को रेलवे के अन्य इंजीनियरिंग विभागों में कार्यरत टेक्नीशियनों के समान वेतनमान एवं सुविधाएं देने की मांग की। इसके साथ ही ट्रैक मेंटेनर, पेट्रोलमैन, कीमैन और गेटमैन के लिए विशेष भत्ते उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
टेक्नीशियनों के लिए एकीकृत वेतनमान और बेहतर पदोन्नति की मांग
बैठक के अंतिम चरण में रेलवे के विभिन्न इंजीनियरिंग विभागों में कार्यरत टेक्नीशियनों के वेतनमान एवं पदोन्नति संबंधी समस्याओं को प्रमुखता से उठाया गया।
कॉमरेड मुकेश सिंह (ECRKU), कॉमरेड आरिफ हुसैन (NERMU), कॉमरेड इमरान (NRMU/NR) तथा कॉमरेड एल.एन. पाठक के सहयोग से इस विषय को आयोग के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
AIRF ने सभी विभागों के टेक्नीशियनों के साथ समान व्यवहार करने और बेहतर वेतनमान प्रदान करने की मांग की। पदोन्नति के अवसर बढ़ाने के लिए कुछ मध्यवर्ती वेतनमानों को समाप्त कर एकीकृत वेतनमान लागू करने का प्रस्ताव भी रखा गया।
तकनीकी कर्मचारियों के कार्य में जोखिम एवं कठिनाई को देखते हुए पर्याप्त जोखिम एवं कठिनाई भत्ता तथा उचित पोशाक भत्ता देने की मांग भी की गई।
महिला रेलवे कर्मचारियों की समस्याओं पर भी चर्चा
AIRF की महिला प्रतिनिधियों श्रीमती असीमा एवं श्रीमती डॉली कुमारी (NRMU/NR) ने लोको पायलट, सहायक लोको पायलट, ट्रेन मैनेजर एवं ट्रैक मेंटेनर श्रेणियों में कार्यरत महिला कर्मचारियों की समस्याओं को आयोग के समक्ष रखा।
महिला कर्मचारियों की कार्य परिस्थितियों एवं उनकी विशिष्ट समस्याओं को सुनने के बाद आयोग की अध्यक्ष ने उनके विचारों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की।
रेलवे कर्मचारियों के हितों पर गंभीर विचार की उम्मीद
AIRF ने विश्वास जताया कि 8वां केंद्रीय वेतन आयोग रेलवे कर्मचारियों की विशिष्ट कार्यप्रणाली, कठिन ड्यूटी, जोखिम, तकनीकी कौशल एवं जिम्मेदारियों को ध्यान में रखते हुए वेतनमान और अन्य सुविधाओं का निर्धारण करते समय उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करेगा।
फेडरेशन ने कहा कि रेलवे कर्मचारियों के सम्मानजनक वेतनमान, बेहतर सेवा शर्तों, न्यायसंगत भत्तों एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए उसका संघर्ष निरंतर जारी रहेगा। दक्षिण पूर्व रेलवे मेंस यूनियन के चक्रधरपुर मंडल संयोजक मनोज कुमार सिंह ने यह जानकारी दी और कहा कि रेलवे कर्मियों की आवाज बुलंद करने का काम मेंस यूनियन आगे भी करती रहेगी।


































