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Hindu Nav Varsh : शुभ संयोग में 30 मार्च से शुरू हो रहा है हिंदू नववर्ष 2082

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फतेह लाइव, रिपोर्टर

हिंदू धर्म में नव वर्ष विक्रम संवत चैत्र शुक्ल प्रतिपदा तिथि से आरंभ होता है. इस बार 30 मार्च 2025 से नव विक्रम संवत्सर 2082 आरंभ होगा. साथ ही इस दिन से ही चैत्र नवरात्रि भी आरंभ होतीं हैं. इस नवसंवत्सर 2082 को सिद्धार्थ नामक संवत्सर के रूप में जाना जाएगा. पाल बालाजी ज्योतिष संस्थान जयपुर जोधपुर के निदेशक ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास ने बताया कि चैत्र शुक्ल प्रतिपदा में रविवार 30 मार्च को नए संवत्सर 2082 का आरंभ ग्रह-गोचरों के शुभ संयोग में होगा. इस दिन शाम 6:14 बजे तक रेवती नक्षत्र फिर अश्विनी नक्षत्र विद्यमान रहेगा. मीन लग्न सुबह 06:26 बजे तक रहेगा फिर मेष लग्न का आरंभ होगा. मीन राशि में इस दिन पांच ग्रह के मौजूद होने से पंचग्रहीय योग बनेगा. मीन राशि में सूर्य, बुध, राहु, शनि और शुक्र ग्रह विद्यमान होंगे. केतु कन्या राशि में, देवगुरु बृहस्पति वृष राशि में तथा मंगल मिथुन राशि में रहेंगे. हालांकि अंग्रेजी कैलेंडर के अनुसार नए साल की शुरुआत 01 जनवरी से होती है, लेकिन नया हिंदू वर्ष चैत्र माह के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा से होती है और सभी व्रत-त्योहार हिंदू कैलेंडर की तिथियों के आधार पर ही मनाया जाता है. इस बार नया हिंदू नववर्ष विक्रम संवत बहुत ही खास रहेगा.

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ज्योतिषाचार्य डॉ. अनीष व्यास ने बताया कि इस वर्ष आकाशीय मंडल में 2082 संवत की यदि मंत्रिमंडल की बात करें, संवत के राजा और मंत्री सूर्य होंगे. वहीं अन्न-धन, खनिज व धातु के स्वामी बुध, खाद्य पदार्थों के स्वामी मंगल होंगे. वहीं सेनापति का कार्यभार शनि संभालेंगे और संवत्सर के वाहन घोड़ा होगा. इस विक्रम संवत का नाम सिद्धार्थ होगा. इस सिद्धार्थ संवत के राजा- सूर्य, मन्त्री- सूर्य, सस्येश- बुध, दुर्गेश- शनि, धनेश- मंगल, रसेश- शुक्र, धान्येश- चन्द्र, नीरसेश- बुध, फलेश- शनि, मेघेश- सूर्य होंगे. रविवार 30 मार्च 2025 को शाम 6:14 बजे तक रेवती नक्षत्र फिर अश्विनी नक्षत्र विद्यमान रहेगा. मीन लग्न सुबह 06:26 बजे तक रहेगा फिर मेष लग्न का आरंभ होगा. मीन राशि में इस दिन पांच ग्रह के मौजूद होने से पंचग्रहीय योग बनेगा.  मीन राशि में सूर्य, बुध, राहु, शनि और शुक्र ग्रह विद्यमान होंगे. केतु कन्या राशि में, देवगुरु बृहस्पति वृष राशि में तथा मंगल मिथुन राशि में रहेंगे.

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नव संवत्सर विक्रम संवत – 2082

नव संवत्सर आरंभ – 30 मार्च 2025

प्रतिपदा तिथि आरंभ –  29 मार्च शाम 4:27 बजे से

प्रतिपदा तिथि समाप्त – 30 मार्च दोपहर 12:49 बजे तक

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हिंदू नववर्ष पर शुभ योग

ज्योतिषाचार्य डा. अनीष व्यास के अनुसार रविवार 30 मार्च 2025 को शाम 6:14 बजे तक रेवती नक्षत्र फिर अश्विनी नक्षत्र विद्यमान रहेगा. मीन लग्न सुबह 06:26 बजे तक रहेगा फिर मेष लग्न का आरंभ होगा. मीन राशि में इस दिन पांच ग्रह के मौजूद होने से पंचग्रहीय योग बनेगा.  मीन राशि में सूर्य, बुध, राहु, शनि और शुक्र ग्रह विद्यमान होंगे. केतु कन्या राशि में, देवगुरु बृहस्पति वृष राशि में तथा मंगल मिथुन राशि में रहेंगे. राजा और मंत्री सूर्य – भविष्यवक्ता एवं कुंडली विश्लेषक डॉ अनीष व्यास ने बताया कि संवत के राजा और मंत्री सूर्य होंगे. वहीं अन्न-धन, खनिज व धातु के स्वामी बुध, खाद्य पदार्थों के स्वामी मंगल होंगे. वही सेनापति का कार्यभार शनि संभालेंगे और संवत्सर के वाहन घोड़ा होगा. इस विक्रम संवत का नाम सिद्धार्थ होगा. इस सिद्धार्थ संवत के राजा- सूर्य, मन्त्री- सूर्य, सस्येश- बुध, दुर्गेश- शनि, धनेश- मंगल, रसेश- शुक्र, धान्येश- चन्द्र, नीरसेश- बुध, फलेश- शनि, मेघेश- सूर्य होंगे.

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