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Sakchi Gurudwara Election : कुर्सी की लड़ाई में दोनों पक्षों ने गुरु घर की मर्यादा को किया चूर, दिन में हाथपाई पर उतरे, शाम को कर लिया समझौता, प्यारी संगत का क्या गुनाह!, देखें – Video

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लड़ाई झगड़े में भिड़ा परिवार, कर ली सुलह, विपक्ष की मांग नहीं हुई पूरी

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जमशेदपुर के गुरुद्वारों की हॉट सीट कहे जाने वाले साकची गुरुद्वारा के प्रधान पद के चुनाव को लेकर चल रही जुबानी जंग ने मंगलवार को हाथपाई का रूप ले लिया. दोनों पक्षों की मारपीट का मामला साकची थाना पहुंचा, लेकिन देर शाम दोनों पक्षों में हरचरण सिंह लोधी के यहां समझौता होने की खबर है. इस पूरे प्रकरण में सीजीपीसी के महासचिव अमरजीत सिंह, वरीय उपाध्यक्ष चंचल सिंह भी मौजूद रहे, लेकिन तमाशबीन दिखे. धार्मिक सेवा करने में ऐसी मारपीट की घटनायें क्यों होती है. इन सब के बीच सीधी साधी संगत का क्या कसूर है. यह सवाल आम संगत के बीच जोर शोर से उबाल बन रहे हैं. चुनाव का बहिष्कार करने का भी मन लोग बना रहे हैं.

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पारिवारिक मामले को लेकर हो गया समझौता

साकची गुरुद्वारा परिसर में सुबह चुनावी प्रक्रिया को लेकर जारी वार्ता के बीच अजायब सिंह के पुत्र बबलू बरियार की ओर से दीपू का कॉलर पकड़ने के बाद विवाद बढ़ा. बताया जाता है कि यह दोनों पक्ष आपसी परिवार के निकल गए, जिनके द्वारा दिन में साकची थाना में लिखित शिकायत कराने के बाद एमजीएम अस्पताल में मेडिकल जांच भी कराई गई. शाम को दोनों के बीच समझौता हो गया.

यह है मामला

विपक्ष की भारी भरकम टीम सुबह साकची कमेटी के पास गई. वहां पूर्व प्रधान निशान सिंह, कार्यकारी प्रधान सुखदेव सिंह, चुनाव संयोजक सेतिंदर सिंह रोमी, भाई सोनी, ट्रस्टी सतनाम सिंह सिद्धू व अन्य थे. विपक्ष ने अपनी बातों को रखा, कि चुनाव कमेटी में उनके लोगों को अभी तक शामिल नहीं किया गया है. इसी बीच हंगामा शुरू हो गया और मारपीट शुरू हो गई. तभी सीजीपीसी के लोग भी वहां आये थे. साकची थाना प्रभारी आनंद मिश्रा खुद यहां मोर्चा संभाले हुए थे. हंगामें के दौरान जोगी को बाहर करने की भी बात उठी.

दोनों पक्षों की यह कहती है सफाई

बाहरी लोगों का हुजूम लेकर मारपीट करने आते हैं विपक्ष के लोग – निशान सिंह

निशान सिंह ने कहा कि विपक्ष के लोग जब भी आते हैं 70-80 लोगों का हुजूम लेकर आते हैं. उनकी मंशा मारपीट की रहती है. हमारी टीम निष्पक्ष चुनाव करा रही है. 76 सालों के इतिहास में चुनाव में दो संयोजक नहीं बने हैं. इनकी टीम में बाहरी लोग थे, जिन्होंने गाली गलौज से बात की. उसका जवाब हमारे लोगों ने भी दिया. प्रशासन से मांग है कि पूरे मामले को गंभीरता से देखे.

मनीफिट के लोगों को बुलाकर कराई हाथपाई : जोगी

विपक्ष को लीड कर रहे जोगिंदर सिंह जोगी ने कहा कि हम अपनी बातों को चुनाव कमेटी के पास रखने गए थे. वहां मनीफिट के लोगों को जमा कर हमारे लोगों से मारपीट की गई. ट्रस्टी को नियमता चुनाव प्रक्रिया में नहीं रहना चाहिए, लेकिन वहां कुर्सी में बैठे हुए थे. संविधान के नियमों का निशान सिंह उल्लंघन कर रहे हैं और उन्हीं के इशारे पर आज की घटना घटी, जो बहुत शर्मशार है.

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