फतेह लाइव, रिपोर्टर.
बीआईटी सिंदरी के विद्युत अभियंत्रण विभाग द्वारा आयोजित छह सप्ताह का ग्रीष्मकालीन इंटर्नशिप कार्यक्रम शनिवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। 1 जून से 11 जुलाई 2026 तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में झारखंड सहित देश के विभिन्न इंजीनियरिंग एवं डिप्लोमा संस्थानों के छात्र-छात्राओं ने भाग लेकर तकनीकी ज्ञान और व्यावहारिक कौशल को नई दिशा दी।
समापन समारोह के दौरान प्रतिभागियों की लिखित परीक्षा आयोजित की गई। इसके बाद सभी विद्यार्थियों ने अपने प्रशिक्षण कार्यों पर आधारित तकनीकी प्रस्तुतीकरण (प्रेजेंटेशन), इंटर्नशिप रिपोर्ट और विकसित मॉडलों का प्रदर्शन किया। विद्यार्थियों के नवाचार, तकनीकी समझ और व्यावहारिक दक्षता की शिक्षकों एवं विशेषज्ञों ने सराहना की।
इंटर्नशिप के दौरान प्रतिभागियों को बेसिक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल वर्कशॉप प्रैक्टिस, पावर इलेक्ट्रॉनिक्स एवं ड्राइव्स, इलेक्ट्रिकल मशीनें एवं उनके व्यावहारिक अनुप्रयोग, कंट्रोल सिस्टम इंजीनियरिंग तथा पावर सिस्टम एवं नवीकरणीय ऊर्जा स्रोतों से संबंधित प्रयोगात्मक और परियोजना-आधारित प्रशिक्षण प्रदान किया गया। प्रशिक्षण का उद्देश्य विद्यार्थियों को उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप व्यावहारिक अनुभव उपलब्ध कराना और उनकी तकनीकी क्षमता को सुदृढ़ करना था।
कार्यक्रम के सफल संचालन में विभागाध्यक्ष डॉ. एम.डी. अबुल कलाम के नेतृत्व में विद्युत अभियंत्रण विभाग के संकाय सदस्यों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। मेंटर के रूप में डॉ. डी. के. तांती, प्रो. शशि मिन्ज, डॉ. राजेन्द्र मुर्मू, डॉ. राहुल कुमार, डॉ. सुमन रंजन, डॉ. एच.सी. वर्मा, प्रो. संजय पाल, प्रो. मणिमाला, डॉ. बिस्वरंजन मिश्रा, डॉ. कौशिक पॉल, प्रो. अनुज कुमार पाण्डेय, प्रो. राकेश रोहन और प्रो. प्रवीण कुमार ने विद्यार्थियों का मार्गदर्शन किया।
विभाग की ओर से बताया गया कि इस प्रकार के प्रशिक्षण कार्यक्रम विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ उद्योगों की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराते हैं और उनके करियर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। समापन के अवसर पर सभी प्रतिभागियों को इंटर्नशिप पूर्ण करने के लिए प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए।










