Jamshedpur Exclusive : बाबूलाल का अलग ही अंदाज…, भगवान विश्वकर्मा के आगे असलहों की आराधना,देखें – video

SHARE:

चार अत्याधुनिक आग्यनास्त्र को भगवान की प्रतिमा के सामने रख किया मंत्रोच्चार, झामुमो ने बनाया मुद्दा, सोशल मीडिया में छाया

चरणजीत सिंह

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चम्पाई सोरेन के पुत्र बाबूलाल सोरेन का अंदाज बेहद निराला है। जो मन में है, वही सबके सामने। कोई घालमेल नहीं। वे झामुमो में केंद्रीय महासचिव रह चुके हैं। अब भाजपा में है। वे गाड़ियों के शौकीन हैं, सब जानते हैं। विश्वकर्मा पूजा की तो पूरे विधि विधान से, औरों की पूजा से सिर्फ एक बात अलग दिखी और खूब दिखी। उन्होंने भगवान विश्वकर्मा की प्रतिमा के सामने चार अत्याधुनिक असलहे रख कर उनकी भी पूजा की। इतना ही नहीं, उनके समर्थकों ने इसकी तस्वीर और वीडियो भी उनके सोशल मीडिया एकाउंट पर भी डाल दी।

यह भी पढ़े : Tatanagar Station : पैसा दो, पुलिस चौकी के पास दुकान लगाओ! प्रधानमंत्री के जाते ही अतिक्रमण शुरू

पूर्व सीएम चम्पाई सोरेन और उनके पुत्र बाबूलाल सोरेन से जोर का झटका जोर से खा चुके झामुमो के लोगों ने इसे मुद्दा बनाना शुरू कर दिया है। बाबूलाल सोरेन के घाटशिला विधानसभा सीट से चुनाव लड़ने की चर्चा है। उनके सोशल मीडिया पोस्ट को आधी रात में ही घाटशिला, मुसाबनी से धालभूमगढ़ के विशेष कर शहरी इलाके में खूब वायरल किया जा रहा है। कमेंट लिखा जा रहा है, फरमाइये… आपको ऐसा जनप्रतिनिधि चाहिए।

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

दरअसल, चम्पाई सोरेन के परिवार में कई लाइसेंसी हथियार हैं। ये असलहे भी कारखाना में बने हैं। बाबूलाल सोरेन ने अपनी गाड़ियों की पूजा की। इसके लिए बकायदा विद्वान पंडित को बुलाया गया। प्रतिमा की स्थापना की गई। बाबा विश्वकर्मा निर्माण के देवता है। आग्नेयास्त्र का भी निर्माण किया जाता है। इसी सोच के तहत बाबूलाल ने भगवान की पूजा के दौरान अपने सारे हथियार वहां रख दिये।

उनके समर्थक विशाल साहू ने विधिवत पूरे पूजन कार्यकर्म को सोशल मीडिया में डाल दिया। उनके एक और करीबी कन्हैया पांडेय केपी ने उस पोस्ट को शेयर किया। दोपहर में सोशल मीडिया पर किया गया पोस्ट शाम तक झामुमो के प्रमुख नेताओं तक पहुंच गया।

चम्पाई की जगह कैबिनेट मंत्री बनाये गए रामदास सोरेन की भी निगाह में यह आ गया। तुरंत यह मसला सीएम हेमंत सोरेन के करीबी लोगों के संज्ञान में ला दिया गया। चंपाई सोरेन ने संथाल परगना में झामुमो रूपी बरगद के जड़ को हिलाना शुरू किया है, तो अब झामुमो ने इस मसले पर उन्हें और उनके पुत्र बाबूलाल सोरेन की सरायकेला से घटाशिला तक घेराबंदी शुरू कर दी है। सियासत में धारणा बहुत मायने रखती है। झामुमो नेताओं के ध्यान में यही सूत्र वाक्य है।

[ays_poll id=1]
सबसे ज्यादा पढ़ी गई

Horoscope

Weather

और पढ़ें