WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.33 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.32 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.45.21 P
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.39
WhatsApp Image 2026-08-14 at 12.53.50 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.56.40 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 5.57.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.52 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.01.53
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.06 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.20 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.45 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46 PM
WhatsApp Image 2026-08-13 at 6.03.46

Tatanagar Station : पैसा दो, पुलिस चौकी के पास दुकान लगाओ! प्रधानमंत्री के जाते ही अतिक्रमण शुरू

SHARE:

फतेह लाइव, रिपोर्टर.

जमशेदपुर में 15 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आगमन था. टाटानगर स्टेशन में भी उन्हें आना था. उनके कार्यक्रम को लेकर पिछले लगभग एक माह से तैयारियां चल रही थी. इसी क्रम में टाटानगर स्टेशन के पास युद्ध स्तर पर सफाई चली. अवैध अतिक्रमण पर बुलडोजर चलाया गया. रेल और जिला प्रशासन खुद इसमें रुची लेकर अभियान पर नजर बनाये हुए था.

यह भी पढ़े : Potka : विश्वकर्मा पूजा पर युवा एकता संगठन ने रक्तदान शिविर का किया आयोजन

Gambhir Car Associate Motion Ads Motion Ads

मानो यह कोई बहुत बड़ा अवैध धंधा है अगर प्रधानमंत्री ने देख लिया तो उनकी खैर नहीं होगी. इस कार्य में लाखों लाखों रूपये खर्च किये गए. सौन्दरीयकरण के नाम पर कई की जीविका उजाड़ दी गई. इस अभियान की लोगों ने खूब सराहना की थी, हो भी क्यों नहीं. यहां इतने सालों से कानून को ताक पर रखकर जो अतिक्रमण कराया गया था.

प्रधानमंत्री तो स्टेशन नहीं पहुंचे, लेकिन उनके कार्यक्रम के अगले दिन से ही पुनः स्टेशन में अतिक्रमण का दौर फिर से फलना फुलना शुरू हो गया है. लोगों की सुरक्षा के लिए बनाई गई टीओपी के पास फिर से सोमवार से ही दुकाने सजना शुरू हो गई है. इन्हें देखने वाला कोई नहीं है. लोगों की जुबां में यह बात निकलने लगी है कि पैसे दो और टीओपी के पास दुकान लगाओ.

बता दें कि स्टेशन के पास इस अवैध अतिक्रमण के खेल में लाखों वारे न्यारे होते हैं. तभी तो वर्षों से यहां दुकाने सजती हैं. हां कोई बड़े साहब या नेता के आने पर सब अवैध धंधे बंद करा दिए जाते हैं, लेकिन उनके जाने के बाद सब कुछ सेटिंग गेटिंग से चालू करवा दिया जाता है.

बता दें कि जब पिछले दिनों दुकाने हटाई गई तो स्टेशन के आसपास का नजारा बहुत ही सुंदर दिखने लगा था. जाम की स्थिति नहीं के बराबर थी. सड़कें चलने लायक हो गई थी. सबसे खास बात पुलिस चौकी लग रही थी, कि यहां पुलिस है, लेकिन अब जो नजारा हो रहा है उससे जहां लाखों लाख सफाई में बर्बाद किये गए थे, वह सब पानी होने वाले हैं. जनता बिचारी दोनों तरफ से मार खा रही है और रेलवे और जिला पुलिस के पदस्थापित अधिकारी और कर्मचारी मालामाल हो रहे हैं. यह भी बताना जरुरी है कि इन स्थानीय अधिकारियों का कुछ चुनिंदा दुकानदारों पर स्नेह बना हुआ रहता है और किसी की दुकान लगे या ना लगे, इनकी दुकान लगनी तय है, जहां से इन अधिकारियों की आवाभगत होती है.

मंगलवार को आरपीएफ टाटा पोस्ट की ओर से स्टेशन के आसपास ड्राइव चलाई गई. ठेला खुमचा वालों को पकड़कर पोस्ट लाया गया, लेकिन बागबेड़ा किताडीह को जोड़ने वाली इस सड़क पर आरपीएफ ने ध्यान नहीं दिया. मानो सड़कों का अतिक्रमण कराने के लिए जगह बांट ली हो.

टीओपी के पास रेलवे के कंडम क़्वार्टर भी कब्जे में स्टेशन टीओपी के पास रेलवे के कुछ कंडम क़्वार्टर है, जो रेलवे और पुलिस के सहयोग से दुकानदारों के कब्जे पर है. चोरी की बिजली से यहां दुकानदार अपना कार्य करते हैं, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान तो होता है. साथ ही आसपास के क़्वार्टर में रहने वाले रेलकर्मी यहां की अड्डाबाजी और अन्य अनियमितताओं का शिकार हो रहे हैं. सूत्र बताते हैं कि इस खेल का हिस्सा ऊपर तक जाता है. बहरहाल, मामले को लेकर उच्च स्तरीय शिकायत करने की तैयारी हो रही है, जिससे लोगों को राहत मिल सके और उच्च अधिकारियों की बदनामी होने से भी बच सके.

अभी-अभी

ਪੰਜਾਬੀ ਖ਼ਬਰਾਂ

Horoscope

Weather

और पढ़ें

हिंदी खबर