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Jamshedpur : हरित क्रांत, जलवायु परिवर्तन, डिजिटल इकोनॉमी व टेक्नोलॉजी ट्रांसफॉर्मेशन होगा जी 20 का फोकस एरिया : पूर्व राजदूत

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एक्सएलआरआइ में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय व रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज के सहयोग से जी 20 कनेक्ट का आयोजन

फतेह लाइव, रिपोर्टर।

भारत इस साल जी-20 शिखर सम्मेलन की मेजबानी कर रहा है. इसी के मद्देनजर देशभर में जी-20 यूनिवर्सिटी कनेक्ट प्रोग्राम का आयोजन किया जा रहा है. जिसके तहत उच्च शिक्षा संस्थानों में सितंबर 2023 तक जी-20 थीम पर आधारित विशेष कार्यक्रम आयोजित की जा रही है. इसी कड़ी में बुधवार की देर शाम एक्सएलआरआइ में भारत सरकार के विदेश मंत्रालय व रिसर्च एंड इंफॉर्मेशन सिस्टम फॉर डेवलपिंग कंट्रीज के सहयोग से जी 20 कनेक्ट का आयोजन किया गया. जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में स्विट्जरलैंड, लिकटेंस्टीन, तुर्की और मिस्र में भारत के पूर्व राजदूत संजय भट्टाचार्य मौजूद थे.

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उन्होंने बताया कि जी 20 शिखर सम्मेलन 2023 की थीम : वसुदेव कुटुम्बकम- एक विश्व, एक परिवार तय किया गया है. कहा कि यहां की दुनिया का मतलब केवल इंसान ही नहीं बल्कि दुनिया में जो कुछ भी है जिसमें पौधे, जानवर, कीड़े-मकोड़े, संसाधन आदि शामिल हैं. भारत के पूर्व राजदूत संजय भट्टाचार्य ने जी20 के गठन, इसकी अध्यक्षता में भारत की प्राथमिकताओं और इस वैश्विक संवाद में युवाओं की भूमिका के बारे में कहानी साझा की. इससे पूर्व एक्सएलआरआइ के डायरेक्टर फादर एस जॉर्ज ने एक्सएलआरआइ के 75 वर्षों के गौरवपूर्ण इतिहास को साझा किया. उन्होंने संस्थान को कार्यक्रम की मेजबानी का मौका प्रदान करने के लिए आयोजकों के प्रति आभार व्यक्त किया. साथ ही स्थिरता, ऊर्जा, जलवायु, सुरक्षा और शांति की समस्याओं को हल करने में सभी सदस्य देशों के बीच सामूहिक प्रयासों के महत्व पर जोर दिया. इस मौके पर विद्यार्थियों के बीच आयोजित विभिन्न प्रतियोगिता के विजेताओं को जहां पुरस्कृत किया गया, वहीं विद्यार्थियों के सवालों का भी पूर्व राजदूत संजय भट्टाचार्य ने जवाब दिया.

ग्लोबल लीडर बनने की राह पर है भारत

श्री भट्टाचार्य ने बताया कि ग्रुप ऑफ ट्वेंटी (G20) में 19 देश (अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्किये, यूनाइटेड किंगडम और संयुक्त राज्य अमेरिका) और यूरोपीय संघ शामिल हैं. जी20 सदस्य देशों में वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग 85%, वैश्विक व्यापार का 75% से अधिक और विश्व की लगभग दो-तिहाई आबादी है. श्री भट्टाचार्य ने बताया कि अब भारत एक ग्लोबल लीडर बनने की राह पर है. उन्होंने कहा कि देशव्यापी जी-20 कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य मुख्य रूप से उन लोगों और युवाओं को शामिल करना है, जो दुनिया में भारत की भूमिका के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए सरकार के ब्रांड एंबेसडर हैं.

इस दौरान श्री भट्टाचार्य ने कहा कि जी20 का फोकर एरिया में ग्रीन डेवलपमेंट, क्लाइमेट फिनांस, इन्क्लूसिव ग्रोथ, डिजिटल इकोनॉमी, पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ ही नारी सशक्तिकरण है. उन्होंने देश के नागरिकों की भूमिका और कर्तव्यों और देश की प्रगति में उनके योगदान के बारे में भी विस्तार से बताया. उन्होंने टिकाऊ विकास और भारत कैसे इक्विटी लाने में मदद कर सकता है, के बारे में बात की. उन्होंने भारत के इतिहास के अनुरूप जी20 शिखर सम्मेलन के लिए विभिन्न एजेंडे पर भी प्रकाश डाला.

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