गुरु नानक की शिक्षाओं की महक पहुंची थाईलैंड, हजारों संगत को किया गुरमत के प्रति जागरूक
फतेह लाइव, जमशेदपुर।
जमशेदपुर के प्रसिद्ध गुरमत प्रचारक हरविंदर सिंह जमशेदपुरी दो माह तक थाईलैंड में गुरमत प्रचार का पावन अभियान सफलतापूर्वक पूरा कर स्वदेश लौट आए हैं। इस दौरान उन्होंने विभिन्न गुरुद्वारों, धार्मिक सभाओं और संगतों के बीच गुरु नानक देव जी की शिक्षाओं, गुरबाणी और सिख इतिहास का प्रचार-प्रसार किया।

हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने थाईलैंड में रह रही भारतीय एवं स्थानीय संगत को गुरमत के मूल सिद्धांतों—नाम जपना, कीरत करनी और वंड छकना—का संदेश दिया। उनके प्रवचनों और कीर्तन ने बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं को प्रभावित किया। दो माह तक चले इस आध्यात्मिक अभियान को संगत ने “गुरमत प्रचार का लंगर” बताते हुए भरपूर सराहना की।

अभियान की सफलता पर थाईलैंड की विभिन्न गुरुद्वारा प्रबंधक समितियों एवं सिख संगठनों ने हरविंदर सिंह जमशेदपुरी को सिरोपा एवं स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया। संगत ने उनके प्रयासों को विदेश में सिख धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रचार-प्रसार की दिशा में महत्वपूर्ण योगदान बताया।
स्वदेश लौटने पर जमशेदपुर की संगत एवं शुभचिंतकों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर हरविंदर सिंह जमशेदपुरी ने कहा कि गुरु साहिब की कृपा और संगत के सहयोग से ही उन्हें विदेश में गुरमत प्रचार सेवा का अवसर मिला। उन्होंने भविष्य में भी देश-विदेश में गुरु नानक देव जी के सार्वभौमिक संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।









